बड़े बाइसेप्स बनाने का बेरहम 3बी सूत्र

बड़े बाइसेप्स ही तो वो ट्रॉफी है जो जिम में घंटों पसीना बहाकर और घर में दूसरों के हिस्से का खाकर मिलती है। यह वही चीज है जिसे आधा अधूरा पाने वाले ज्यादा दिखाते हैं और ढंग से हासिल कर चुके लोग ज्यादा छुपाते हैं।

आज हम इसकी ट्रेनिंग और डाइट के बारे में बात करने वाले हैं। ये मसल्स ग्रुप काफी छोटा होता है, मगर हर युवा इसे सबसे अहम मानता है और अक्सर इसके पीछे ऐसा हाथ धो के पड़ जाता है कि इनकी जान ही निकल जाती है। यहां आज आपको इन सवालों के जवाब मिलेंगे –

  • कैसे बनायें बड़े बाइसेप्स
  • बाइसेप्स बनाने के टिप्स
  • बाइसेप्स का साइज क्यूं नहीं बढ़ता

3बी सूत्र/ The 3B formula

बाइसेप्स बनाने हैं तो उन्हें हार हाल में ओवर ट्रेनिंग से बचाना होगा। Image : Toyaz kumar Singh

बाइसेप्स को लेकर इंटरनेट पर लेखों की भरमार है। कुछ में काफी अच्छी और ईमानदार जानकारी मिल जाती है। हमारी भी कोशिश रहती है कि हम आपको फर्जी सपने न दिखाएं और फर्जी दावो न करें। हमारा मकसद आपको ईमानदार जानकारी देना है। कभी भी आप ऐसा न सोचें कि मैं बस इसी पार्ट को फोकस करुंगा और बना लूंगा। ऐसा नहीं होता। हमारे बाइसेप्स का साइज क्यूं नहीं बढ़ता इसकी वजह में सबसे प्रमुख ओवर ट्रेनिंग ही है।

Related : मन में कोई सवाल है हमसे पूछें 

आपको हमेशा पूरी बॉडी को ट्रेन करना होता है। ये बात सही है कि हर बाॅडी पार्ट की अलग अलग कसरत होती है मगर सभी बॉडी पार्ट एक दूसरे से कनेक्टेड होते हैं। दूसरी बात ये कि हमारी ग्रोथ शरीर की ओवरआॉल एक्सरसाइज पर डिपेंड करती है। मैंने कोई ऐसा शख्स नहीं देखा जिसने एक दाे महीने मे ही कमाल की बॉडी बना ली हो। बॉडी बनाने में वक्त लगता है इस  बात को स्वीकार कर लें। अब हम अपने 3बी सूत्र की बात करते हैं।

1 बड़ा उठा/ Big lift

हर बार ट्रेनिंग के दौरान अपने आर्म को सरप्राइज दें। Image : Toyaz Kumar Singh

पहली लाइन पढ़ने के बाद ही ये मत तय कर लेना कि अब तो जिम की प्लेटें ही तोड़ दूंगा। पहले समझ लो मैं क्या बता रहा हूं। अगर हमें राक्षस जैसे मसल्स बनाने हैं उसी के जैसा वर्कआउट भी करना होगा।

हां, हमें हैवी लिफ्ट करना होगा। हमें अपनी सीमाएं तोड़नी होंगी, तभी हम आगे बढ़ पाएंगे। जिन लोगों को दूसरों से हेल्प लेने में शर्म आती है वो शर्म का घूंघट उतार लें। मदद लें, अगर जरा सी मदद से आप हैवी वेट पुश कर सकते हैं तो जरूर करें।

हैवी ट्रेनिंग का ये मतलब कतई नहीं है कि हर एक्सरसाइज का हर सेट हैवी हो। नहीं, इसका मतलब ये है कि हैवी ट्रेनिंग को अपने शेड्यूल का एक हिस्सा बनाकर रखें। बाइसेप्स बारबेल कर्ल (Biceps barbell curls) और इंक्लाइन बाइसेप्स डंबल कर्ल (Incline biceps dumbbell curls) में हैवी वेट को प्राथमिकता दें।

मगर प्रीचर कर्ल (Preecher curls), रिवर्स कर्ल (Reverse culs), कंसंट्रेशन कर्ल (concentration curls), ओवरहेड बाइसेप्स केबल कर्ल (Overhead biceps cable curls) जैसी कसरतों में हैवी वेट के पीछे न भागें ये एक्सरसाइज महसूस करने की हैं। इनमें फॉर्म पर ज्यादा ध्यान दें।

2 बड़ा खा / Big Diet

प्रोटीन से भरा ये फूड आसानी से मि‍ल जाता है और आमतौर पर सभी के बजट में फि‍ट हो जाता है। ये सवाल लोगों के मन में अक्‍सर आता है कि‍ 100 ग्राम chiken breast में कि‍तना प्रोटीन होता है? united states department of Agriculture (USDA) के मुताबि‍क, 100 ग्राम चि‍कन चेस्‍ट में 31 ग्राम प्रोटीन होता है।

खाएगा इंडिया तभी तो बड़ा बाइसेप्स पाएगा इंडिया। भाई कितनी की कसरत कर लें अगर डाइट सही नहीं है तो कुछ नहीं होने वाला। मैं हर बार ये कहता हूं कि बॉडी बिल्डिंग में सभी नियम सब पर लागू नहीं होते मगर ये वो नियम है जो हर किसी पर लागू होता है चाहे उसे जिम में आए हुए एक महीना हुआ हो या 10 साल।

खा, खा और बस खाने के बारे में सोच। दिन में आठ मील लें। हर मील सुबह ही तय होना चाहिए कि क्या-क्या खाना है। प्रोफेशनल बॉडी बिल्डर सुबह उठते के साथ ही अपने आठ मील तैयार कर लेते हैं। फिर उसे फ्रिज में रख लेते हैं। बहन, पत्नी और माता जी के सिर पर चढ़े रहने से काम नहीं बनने वाला। अपना काम और अपनी कैलकुलेशन स्वयं करें। हो सके तो किसी प्रोफेशनल डाइट चार्ट को फॉलो करें।

जब तक फिक्स मील पर नहीं चलेंगे तब तक आप प्रोफेशनल नहीं बनेंगे। जो मिलेगा वो खा लूंगा ये कुछ हद तक चलेगा, कुछ दिनों तक चलेगा लेकिन अगर आप 18 या 20 इंच के बाइसेप्स की कामना कर रहे हैं तो दिन में आठ मील, हर मील में कार्ब, फाइबर और प्रोटीन की तय मात्रा लेनी होगी।

3 बड़ा रेस्ट / Big rest

ये नियम भी हर शख्स पर लागू होता है। हम जिम करते हैं और अपने मसल्स को तोड़ते हैं। हम डाइट लेते हैं ताकि हमारे टूटे हुए मसल्स रिपेयर हों और पहले से बड़े बनें। लेकिन ये काम होगा तो तभी जब आप सो रहे होंगे। आपकी बॉडी को मरम्मत के लिए टाइम और रेस्ट चाहिए।

ये हमें तभी मिलता है जब हम सो रहे होते हैं। इसलिए नींद लेना बहुत जरूरी है। बॉडी बिल्डिंग में 7 से 8 घंटे की नींद मिल जाए तो बड़ा उम्दा रहेगा। मैं तो ये कहूंगा कि अगर इसके बाद दोपहर में भी कुछ टाइम मिल जाए तो जरूर सो लें। सोने से पहले डाइट लें और उठने के बाद भी।

हमारी बॉडी उस वक्त बड़े पैमाने पर ग्रोथ हार्मोंस रिलीज करती है जब हम सो रहे होते हैं। हम ग्रो करते हैं ग्रोथ हार्मोंस की बदौलत। आपके लिए ये जानना इसलिए जरूरी है कि इन तीनों में से किसी भी चीज से समझौता करेंगे तो आप अपने बाइसेप्स के साइज से समझौता करेंगे।

नींद को लेकर अगर कोई टोके तो उसे बस इतना कह दीजिएगा शेर तो 20 घंटे सोता है तो क्या उसे कोई आलसी कह सकता है।

किसे कितनी ट्रेनिंग करनी चाहिए

इसकी जानकारी जरूर रखें कि आपकी बॉडी की कैपेसिटी क्या है और आप किस स्टेज पर हैं। जिम के पुराने खिलाड़ी बाइसेप्स की चार से पांच एक्सरसाइज कर डालते हैं। जो कटिंग पर हैं वो भी पांच एक्सरसाइज तक ले जाते हैं।

बिल्कुल नए लोग तीन एक्सरसाइज से ज्यादा न लगाएं। गेनिंग पर हैं और बॉडी वेट 80 से ऊपर है तो सप्ताह में दो बार बाइसेप्स की ट्रेनिंग कर सकते हैं। याद रखें मैं हर बार ये बात कहता हूं कि यहां लिखी बात किसी पर भी 100 % लागू नहीं होती।

सुनहरा नियम / Golden Rule

सबसे पहले सुनहरे नियम की बात कर लें। जरूरत से ज्यादा ज्ञान बटोरेंगे तो ज्ञानी हो जाएंगे बॉडी बिल्डर नहीं। कुछ बातों को अपने दिमाग में बैठा लें कि किसी एक नियम पर चलकर आप इन्हें बड़ा नहीं बना सकते। आपको अलग-अलग चीजें ट्राई करनी होंगी।

कसरतें तो हर कोई आपको वही गिनी चुनी पांच या छह बताएगा। हमें ये देखना है कि हर बार हम बाइसेप्स को क्या सरप्राइज देंगे। कभी ड्रॉप सेट, कभी कपांउंड सेट, कभी बहुत हैवी, कभी बहुत लाइट….. और थोड़ा दिमाग लगाएं। अगर रस्सी पर चढ़ने की सुविधा है तो उसे आजमाएं, कभी सेट खत्म करने के बाद मजबूत शख्स से पंजा लगाएं। कभी बिल्कुल आखिर में क्लोज ग्रिप चिन अप लगाएं। सरप्राइज देते रहें।

Bottom line

ऐसा सोचना भी गलत है कि जितनी ज्यादा कसरतें करेंगे उतने ही बाइसेप्स बढ़ेंगे। सप्ताह में दो बार मैक्सिम आप इस बॉडी पार्ट को ट्रेन कर सकते हैं। आपको अपनी लक्ष्मण रेखा खुद खींचनी होगी ताकि आप इसकी ओवर एक्सरसाइज न करने लगें। बाइसेप्स ग्रो नहीं करते इसका सबसे बड़ा कारण ओवर एक्सरसाइज है।

Check Also

क्रिएटिन अथवा क्रेटीन क्या है। उसकी लोडिंग डोज, नॉर्मल डोज और उसके टॉप 6 साइड इफेक्ट क्या हैं और क्रिएटिन को कैसे यूज करते हैं।

क्रिएटिन के 10 लाभ सबूत के साथ 

Creatine एक नेचुरल सप्लीमेंट है जिसका इस्तेमाल खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस सुधारने और बॉडी बिल्डिंग में ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *