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वजन बढ़ाने के लिए शाकाहारी डाइट चार्ट –Weight Gain vegetarian Diet Chart in Hindi

कब तक हैंगर की तरह बदन पर कपड़े टांगते रहेंगे। बॉडी बिल्डर ना सही मगर इतना शरीर तो होना ही चाहिए कि कपड़े ठीक लगें और आपमें आत्मविश्वास की कमी ना आए। अगर आपको सही डाइट और सही तरीका पता है तो वजन बढ़ाना आसान है। जो लोग वजन नहीं बढ़ा पाते हैं उनकी सबसे बड़ी खामी यही होती है कि वो किसी एक या दो नुस्खों के पीछे भागते रहते हैं और ठोस तरीकों को नहीं आजमाते। बहुत से
लोगों का ये मानना है कि शाकाहारियों के लिए वजन बढ़ाना मुश्किल होता है। हां कुछ हद तक इस बात से मैं भी सहमत हूं, मगर बस कुछ हद तक। शाकाहारी लोग भी बेहतरीन शरीर बना सकते हैं। शाकाहारी पुरुषों के लिए वजन बढ़ाने के लिए इस बार हम एक खास डाइट चार्ट दे रहे हैं। ऐसा कतई जरूरी नहीं है कि आप आंख मूंद कर इसे 100 फीसदी फॉलो करें, मगर हां कम से कम 80 फीसदी तक इसे जरूर अपनाएं। इस
डाइट चार्ट में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट की मात्रा उस हिसाब से रखी गई है ताकि आपका वजन बढ़ सके। ये बात भी है इससे थोड़ा पेट भी निकल सकता है। अगर ऐसा होने लगे तो आप फैट कंटेंट कम कर सकते हैं।

वजन बढ़ाने में डाइट और कसरत का बहुत अहम रोल है।
शाकाहारी लोग भी बेहतरीन शरीर बना सकते हैं। Image-Toyaz kumar singh

वजन बढ़ाने के लिए शाकाहारी डाइट चार्ट – vegetarian Diet chart for weight gain

नाश्ता – तीन ब्रेड एक पर जैम, एक पर मक्खन और एक पर चीज या वेज म्योनीज। इसके साथ एक गिलास दूध। दो केले या दो उबले आलू।
या
एक कटोरी भरकर दूध में बना हुआ मीठा दलिया, इसमें काजू और किशमिश जरूर होंगे। साथ में दो केले।
या
दो बड़े उबले आलू को अच्छे से फ्राई करें, उसमे अपने हिसाब से नमक मसाला डालें, मैगी मसाला भी यूज कर सकते हैं। इसमें ढेर सारा चीज मिलाएं और खाएं। इसके साथ थोड़ा सा सलाद जरूर रखें। छोटी कटोरी दही भी रख सकते हैं।
या
कभी-कभी आप पास्ता भी ले सकते हैं। इसमें क्रीम खूब अच्छे से मिलाएं। साथ आधा गिलास जूस या खूब मीठा ग्लूकोज या नींबू की खूब मीठी शिकंजी रहेगी। इसे आप खाने के साथ सिप करके पीते रहेंगे। साथ में दो केले।

थोड़ी देर बाद – एक सेब या नाश्पाती।

दोपहर का खाना – 100 से 150 ग्राम पनीर, रोटी कम चावल ज्यादा, दाल या सब्जी, सलाद। दाल में एक चम्मच घी या एक चम्मच ऑलिव ऑयल जरूर रहेगा। आपको ज्यादातर राजमे, बीन्स और सफेद चने की सब्जी बनवानी होगी। इन्हें ढेर सारा खाएं, रोटी एक ही खाएंगे तो भी चलेगा।

सप्लीमेंट – एक स्कूप मास गेनर या वेट गेनर, 300 एमएल पानी के साथ।

शाम का नाश्ता – 50 से 70 ग्राम भुनी या फ्राई की गई मूंगफली। साथ आधा गिलास जूस या खूब मीठा ग्लूकोज या नींबू की खूब मीठी शिकंजी रहेगी। इसे आप खाने के साथ सिप करके पीते रहेंगे। दो तीन तरह की मूंगफली खरीद ले, साथ में चाहें तो थोड़ा मिक्सचर नमकीन भी रख सकते हैं।
या
40 से 50 ग्राम सोयाबीन चंक्स। इसे आप भिगोकर फ्राई कर सकते हैं। साथ में जरा सा सलाद। साथ आधा गिलास जूस या खूब मीठा ग्लूकोज या नींबू की खूब मीठी शिकंजी रहेगी। इसे आप खाने के साथ सिप करके पीते रहेंगे।
या
एक कटोरा भरकर उबली मूंग और चना, इसमें आप टमाटर, प्याज, लहसन, नमक वगैरह मिला सकते हैं। साथ आधा गिलास जूस या खूब मीठा ग्लूकोज या नींबू की खूब मीठी शिकंजी रहेगी। इसे आप खाने के साथ सिप करके पीते रहेंगे।

नोट – ज्यादातर आप मंगफली और सोयाबीन ही यूज करें।

रात का खाना – जो आपका मन करे। खाने में एक से दो चम्मच घी या ऑलिव ऑयल रहेगा। साथ आधा गिलास जूस या खूब मीठा ग्लूकोज या नींबू की खूब मीठी शिकंजी रहेगी। इसे आप खाने के साथ सिप करके पीते रहेंगे।

खाने के बाद – एक स्कूप मास गेनर या वेट गेनर, एक गिलास दूध के साथ। आपको खाने पीने की कोई मनाही नहीं है, जो मन करे वो खा सकते हैं। सप्ताह में एक दिन जमकर पूडि़यां, परांठे और पकौड़ियां खाएं।

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नोट

1 मल्टीविटामिन की गोली – किसी भी कंपनी की ले सकते हैं। 10 दिन तक लगातार यूज करने के बाद 5 दिन का गैप दिया करें। इसे आप दिन में कभी भी खा सकते हैं। हालांकि आमतौर पर खाने के बाद ली
जाती है।

2 हर बार खाने के साथ आधा गिलास जूस या खूब मीठा ग्लूकोज या नींबू की खूब मीठी शिकंजी रहेगी। इसे आप खाने के साथ सिप करके पीते रहेंगे।

3 सुबह के नाश्ते और रात के खाने के बाद आप झंडू पंचारिष्ठ या हमदर्द का पचमीना या ऐसी ही हाजमे का कोई सिरप लेंगे।

4 वेट गेनर आप किसी भी कंपनी का ले सकते हैं, कम से कम तीन किलो वाला लेंगे।

5 हर रोज वेट नहीं तौलना है, पहली बार 20 दिनों बाद वेट बढ़ना चाहिए, अगर न बढ़े तो अपनी डाइट में फैट बढ़ा दें।

6 अगर तेज रिजल्ट चाहिए तो एसएसएन का कार्बो फोर्स और किसी भी कंपनी का वेट गेनर लें और दोनों को एक-एक स्कूप मिलाकर यूज करें, दिन में तीन बार। कार्ब भी आप किसी भी कंपनी का ले सकत हैं,
मुझे अभी इसी का नाम याद था इसलिए लिखा।

7 गुस्सा कम करें, हर किसी से ये बात बताने की जरूरत नहीं है कि आप वजन बढ़ा रहे हैं, लोग जरूरत से ज्यादा ज्ञान देने लगते हैं। चुपचाप अपने काम पर लगे रहें।

8 घर पर कसरत करने वाले अक्सर कई गलतियां करते हैं, आपको एक लेख का लिंक दे रहा हूं उसे पढ़ लें।

 

प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट और फैट की भूमिका – Role of Protein,Carbohydrate and Fat

प्रोटीन – इसके बारे में तो आप विज्ञापनों में सुन ही रहे होंगे। प्रोटीन से हमें कैलोरी या ऊर्जा भी मिलती है और इससे हमारे मसल्स भी बनते हैं। वजन तो आपका कार्ब और फैट भी बढ़ा देंगे, मगर इससे केवल आपका पेट बाहर आएगा और बॉडी थुलथुल हो जाएगी। प्रोटीन के बिना आपका काम नहीं चल सकता। अब सवाल ये होता है कि हमें कितना प्रोटीन लेना चाहिए तो इसका सीधा सा जवाब ये होता है कि आपका
जितना वजन है उसके हर एक किलो पर एक ग्राम तक प्रोटीन में आप अच्छा शरीर बना सकते हैं, जैसे कि मान लो आपका वजन 60 किलो है तो आपको साठ ग्राम प्रोटीन लेना होगा। हालांकि अगर आप 40 ग्राम भी लेंगे तो आपका काम चल सकता है। ध्यान रहें मैं ये बात ऐसे लोगों से कर रहा हूं जिनका मकसद फिलहाल बस एक ठीक ठाक शरीर पाना है बॉडी बिल्डिंग नहीं। बॉडी बिल्डिंग में तो बॉडी वेट के एक किलो पर
दो से ढाई ग्राम तक प्रोटीन खाते हैं।

शकाहारी प्रोटीन के प्रमुख स्रोत – सोयाबीन, काबुली चने, राजमा, दालें, दूध, पनीर, टोफू, चीज, मूंगफली।

Related – व्हे प्रोटीन के बारे में सबकुछ जानें

कार्बोहाइड्रेट – भारतीयों की डाइट में आमतौर पर कार्बोहाइड्रेट ज्यादा होता है। कार्ब का बस एक काम होता है आपको एनर्जी यानी कैलोरी या ऊर्जा देना। एक ग्राम कार्ब में 4 कैलोरी होती है। इससे आप बॉडी नहीं बना सकते। जैसा कि हम ऊपर ही बता चुके हैं कि मसल्स बनाने के लिए प्रोटीन जरूरी होता है। जब हम प्रोटीन और कार्ब दोनों कम खाते हैं तो बॉडी दोनों का इस्तेमाल ऊर्जा बनाने में कर डालती है। इसलिए जब हमें
वजन बढ़ाना होता है या बॉडी बनानी होती है तो हम कार्ब बढ़ा देते हैं, ताकि प्रोटीन बचा रहे और वो मसल्स बनाने के काम आए। तो आपको हर दिन कितना कार्ब लेना चाहिए। इसका जवाब है बॉडी वेट के एक किलो पर तकरीबन 4 ग्राम। यानी अगर आपका बॉड वेट 60 किलो है तो आपको 240 ग्राम कार्बोहाइड्रेट लेना चाहिए।

कार्बोहाइड्रेट के प्रमुख स्रोत – चावल, रोटी, ब्रेड, केले, आलू, शकरकंदी, पास्ता, चाऊमीन, दालें, राजमा, चना, दूध, पनीर। यहां मैं ये जरूर बताना चाहूंगा कि दाल, राजमा, दूध जैसी कई चीजें हैं, जिनमें प्रोटीन और कार्ब
दोनों अच्छी मात्रा में होते हैं।

फैट – कम या ज्यादा, फैट के बिना आप ना तो हेल्दी रह सकते हैं ना ही अच्छा शरीर बना सकते हैं। फैट हमारी बॉडी के लिए उतना ही जरूरी है जितना प्रोटीन और कार्ब। बस हमें ये देखना होता है कि इसकी कितना मात्रा की हमें जरूरत है। जरूरत से कम खाएंगे तो ब्रूसली जैसे रहेंगे और जरूरत से ज्यादा खाएंगे तो हलवाई हो जाएंगे। एक ग्राम फैट में 9 कैलोरी होती है। इसलिए वजन बढ़ाने में इसका रोल बहुत अहम
होता है। क्योंकि वजन बढ़ाने के लिए हमें अपनी जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेनी होती है। तो हमें कितना फैट लेना चाहिए। अगर कोई शख्स जिसका वजन फिलहाल 60 किलो है और उसे वजन बढ़ाना है तो उसको दिन में करीब 40 से 50 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए।

 

वजन बढ़ाने का विज्ञान – The science of weight gain

अभी जो आपको मैंने प्रोटीन, कार्ब और फैट का रेशो बताया वो एक नॉर्मल शख्स के लिए ठीक है। अगर उतनी डाइट लेंगे तो ठीक रहेंगे। लेकिन हमें तो वजन बढ़ाना है, इसलिए हमें अपनी जरूरत से करीब 500 कैलोरी ज्यादा लेनी होगी। अगर आपको वजन बढ़ाना है तो सीधा सा नियम ये अपनाएं कि अपने वजन को 4 से गुणा कर लें। यानी अगर आपका वजन 60 किलो है तो आपको हर दिन 60 x 4 यानी 2400
कैलोरी की जरूरत है। लेकिन जब आपको वजन बढ़ाना है तो आपको इसमें 500 कैलोरी और जोड़नी होगी यानी ये 2400 + 500 = 2900 कैलोरी। इतनी कैलोरी हर दिन लेने पर पहली बार 20 से 25 दिन में वजन बढ़ेगा और उसके बाद हर 10 दिन में वजन बढ़ता है। अगर ऐसा नहीं होता तो आपकी अपनी डाइट में 500 कैलोरी और जोड़नी होगी।

कई लोगों का मेटाबॉलिज्म काफी तेज होता है ऐसे में उनकी कैलोरी की जरूरत और ज्यादा होती है। ऐसा खासकर कम उम्र के युवकों में होता है। जैसे जैसे उम्र बढ़ती है मेटाबॉलिज्म रेट हो जाता है और बॉडी पर फैट भी आने लगता है, मगर जवान युवकों, खिलाड़ियों का मेटाबॉलिज्म बहुत फास्ट होता है, इसकी वजह से वो जो भी खाते हैं उसे बॉडी ऊर्जा में बदल देती है। ऐसे लोग दुबले पतले होते हैं मगर बहुत फुर्तीले होते
हैं। मैं यहां एक बार फिर कहता हूं कि विज्ञान को साथ लेकर चलें मगर अपनी अक्ल जरूर लगाएं। ये कैलकुलेशन इसलिए दी जाती हैं ताकि आप मोटे तौर पर समझ पाएं। इसके बाद अपनी बुद्दी का इस्तेमाल जरूर करें।

वजन बढ़ाने में दवाओं की भूमिका – Role of medicines in weight gain

मैं ये बिल्कुल नहीं कहूंगा कि आप किसी बाबा जी की पुडि़या या उल्टी सीधी दवाएं खाएं, मगर जो जरूरी दवाएं हैं उन्हें खाने में परहेज ना करें। सही और वाजिब दवा लेने में कोई हर्ज नही है, हालांकि हमे ये बात याद रखनी होगी कि अपना काम हो जाने के बाद उन्हें बंद कर दें। मैं आपको कुछ दवाओं के नाम बता रहा हूं, जिनका इस्तेमाल आप सेहत बनाने के लिए कर सकते हैं। आप चाहें तो इसमें डॉक्टर से सलाह भी ले
सकते हैं। इनमें 1 Unienzyme tablet, Astymin forte,limcee tablet,Multivitamin,Fish oil capsules,Himalaya gokshura
. इसके अलावा आप चाहें तो हाजमा दुरुस्त रखने के लिए कोई भी आयुर्वेदिक सिरप जैसे झंडु पंचारिष्ठ या हमदर्द का पचमीना ले सकते हैं। जो दवाएं मैंने बताई हैं, उनके बारे में आप डॉक्ट से कसंल्ट कर सकते हैं।

 

वजन बढ़ाने में कसरत की भूमिका – Role of exercise in weight gain

अगर आप बिना कसरत उम्दा डाइट लेंगे या वजन बढ़ृाएंगे तो आप हलवाई की तरह हो जाएंगे। यानी पेट बाहर और छाती अंदर। आजकल ऐसी बॉडी किसी को पसंद नहीं होती। इसलिए कसरत बहुत जरूरी है। भले ही कम करें मगर कसरत जरूर करें। इससे आपका मेटाबॉलिज्म बेहतर तरीके से एक्टिव रहेगा। आपको भूख लगेगी। आपके ग्रोथ हार्मोंस रिलीज होंगे और आपके मसल्स भी बनेंगे। कसरत से बॉडी में ब्लड फ्लो बढ़ता है। ब्लड में हमारे सारे न्यूट्रिएंट्स ट्रैवल करते हैं।

आयुर्वेद में भी व्यायाम को बहुत महत्व दिया गया है। भले ही आप एक पसली के होंग मगर फिर भी आपको अपनी बॉडी वेट के हिसाब से एक्सरसाइज करनी चाहिए। अगर आप जिम जा सकते हैं तो और भी अच्छी बात है। जिम जाते हैं तो आप वहां बस एक बॉडी पार्ट की कसरत एक दिन करें और उसकी केवल तीन से चार कसरतें ही करें इससे ज्यादा ना करें। हर कसरत के तीन सेट और रैप की गिनती 12 से 8 के बीच रखें। जिम में कभी भी दूसरों की देखादेखी कसरतें ना करें। ओवर एक्सरसाइज से बचें।

 

वजन बढ़ाने में सप्लीमेंट की भूमिका – Role of Supplements in weight gain

अगर आपको वजन बढ़ाना है तो आपको साइंस को भी साथ में लेकर चलना होगा। बहुत से लोग ऐसे होते हैं जो सप्लीमेंट को एक हौवे की तरह से देखते हैं। जो लोग कमजोर होते हैं उनकी बॉडी में कई तरह के माइक्रो न्यूट्रिएंट्स की कमी होती है जिसे वो अपनी डाइट से पूरा नहीं कर पाते हैं। ऐसे में सप्लीमेंट उनकी मदद करते हैं। आप गौर करें, जब किसी महिला में खून की कमी होती है तो डॉक्टर उन्हें हीमोग्लोबीन की
दवा या सिरप देने के साथ-साथ आयरन युक्त डाइट लेने की सलाह देते हैं।

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बस ये सिरप ही तो सप्लीमेंट है। हां मैं ये जरूर कहूंगा कि सप्लीमेंट का चुनाव बेहद सावधानी से करना चाहिए और उसे कहां से ले रहे हैं ये सबसे जरूरी है। सप्लीमेंट के बदनाम होने की दो वजह हैं, एक तो ये कि सप्लीमेंट नकली मिलते हैं और दूसरी वजह ये है कि कई युवक युवतियां डाइट तो ठीक करते नहीं और बस ये सोचते हैं कि सप्लीमेंट लेने से बॉडी बन जाएगी, जबकि ऐसा मुमकिन नहीं है। इसलिए ये जरूरी है कि आप सप्लीमेंट से ज्यादा तवज्जो डाइट को दें।

 

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2 comments

  1. Sir ji meri diet subah exercise ke bad 500g milk
    Or ek ktori oats . 2pm 50g mung chawal or dal or
    Nimbu pani. 5pm 50g peanut or chana sabhi
    Rat ko 500g milk

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