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डायबिटीज| कारण, लक्षण और घरेलू इलाज व परहेज

सीधे शब्दों में कहें तो बॉडी में शुगर का लेवल बढ़ जाना ही शुगर की बीमारी या डायबिटीज (Diabetes) अथवा मधुमेह कहलाता है। आजकल हर उम्र के लोगों में यह बीमारी पाई जाती है। इंडियन इंसटीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ के मुताबिक, भारत में मार्च 2017 तक 7 करोड़ डायबिटीज के मरीज थे और अगले 20 सालों में इनकी गिनती बढ़कर 12 करोड़ होने की आशंका है। डायबिटीज पेशेंट के मामले में दुनिया में भारत दूसरे नंबर पर आता है। शहरों में इसके मरीज ज्यादा पाए जाते हैं। इसे खासतौर पर लाइफस्टाइल से जोड़कर देखा जाता है।

इस लेख में हमने डायबिटीज के प्रकार, उसके लक्षण, डायबिटीज (Diabetes) के कारण और इसके घरेलू इलाज के अलावा यह भी डिस्‍कस किया कि आप कैसे इसकी चपेट में आने से बच सकते हैं। हमने यह भी पढ़ा डायबिटीज में किन फूड से परहेज करना चाहिए।

What is Diabetes – क्या है डायबिटीज

हमारी बॉडी में शुगर के  लेवल को कंट्रोल और मेनटेन करने का काम इंसुलिन करती है। इंसुलिन को हमारे अग्न्याशय यानी Pancreas रिलीज करते हैं। इंसुलिन का काम फूड को एनर्जी में बदलना होता है। अगर Pancreas ठीक से काम नहीं करेंगे तो इंसुलिन की रिलीज में गड़बड़ी पैदा होती है। इससे फूड को एनर्जी बदलने के प्रोसेस में गड़बड़ पैदा होती है और फूड से बना ग्लूकोज बॉडी में ऐसे ही घूमता रहता है उससे एनर्जी पैदा नहीं होती। बॉडी में आवारा जानवर की तरह घूम रहा यही ग्लूकोज तो शुगर की बीमारी है। शुगर का टेस्ट में यही देखा जाता है कि आपकी ब्लड में कितना शुगर या ग्लूकोज है। जब वह जरूरत से ज्यादा होता है तो डॉक्टर आपको कह देता है – सर आपको डायबिटीज हो गई है या होने वाली है।

Types of Diabetes – डायबिटीज के प्रकार

वैसे तो डायबिटीज 6 तरह की होती है, लेकिन 80 से 90 प्रतिशत लोग डायबिटीज के दो प्रकार से सबसे ज्यादा पीड़ित होते है। यह है
Type 1 diabetes
Type 2 diabetes
Type 1 diabetes – यह आमतौर पर छोटे बच्चों या 20 साल से कम उम्र के लोगो में पाई जाती है। इसकी शुरुआत तब होती है जब हमारे Pancreas इंसुलिन नहीं बना पाते। जो लोग इस बीमारी की चपेट में होते हैं उन्‍हें अपना बॉडी ग्लूकोज लेवल बनाए रखने के लिए इंसुलिन के इंजेक्शन लेने होते हैं।

Type 2 diabetes – टाइप 2 डायबिटीज में बॉडी में इन्सुलिन बन ता रहा होता है पर वह उतना नहीं बनता जितनी हमारी जरूरत है। पूरी दुनिया में सबसे ज्‍यादा लोग टाइप 2 डायबिटीज की चपेट में हैं। अगर माता या पिता को यह बीमारी है तो बच्‍चों में यह पनप सकती है। इसे अनुवांशिक बीमारी कहते हैं।
levels of sugar – शुगर की जांच

शुगर की जांच ब्‍लड और यूरिन से होती है, वैसे इसकी जांच अब लार से भी हो जाती है मगर अभी यह तकनीक बहुत पॉपुलर नहीं है। अभी डॉक्टर सबसे ज्यादा भरोसा ब्लड से की गई जांच पर करते हैं। ब्‍लड से भी दो तरह की जांच की जाती है – खाली पेट और खाना खाने के बाद।

खाली पेट शुगर की जांच
80 से 120 mg/dl – नॉर्मल
120 से 140 mg/dl- डायबिटीज की शुरुआत
140 mg/dl से ज्यादा – पूरी तरह से रोग की चपेट में

खाना खाने के बाद
120 -125 mg/dl – नॉर्मल
145 mg/dl तक है तो आप डायबिटीज की चपेट में हैं।

Symtoms of Diabetes – लक्षण

– बार-बार पेशाब का आना
– आँखों की रौशनी कम होना
– ज्यादा प्यास लगना
– कमजोरी महसूस होना
– कोई भी चोट या जख्म देरी से भरना
– हाथों, पैरों और निजी अंगों पर खुजली वाले जख्म
– स्कीन पर बार बार इन्फेक्शन होना और बार-बर फोडे वगैरा निकलना
– भूख ज्यादा लगना और ज्यादा खाने के बाद भी वजन कम होना
– चक्कर आना और हार्ट बीट ऊपर नीचे होना

Causes of Diabetes – डायबिटीज के कारण

1 सबसे पहला कारण है हमारी लाइफस्टाइल जिसमें मेहनत कम और आराम ज्यादा आ गया है।

2 फास्ट फूड, डिब्बा बंद खाना, हाई कैलोरी फूड डायबिटीज के लिए रास्ता बनाते हैं। इनसे वजन बढ़ता है और आगे चलकर शुगर की
प्रॉबलम पैदा होती है।

3 डाइट में प्रोटीन और फाइबर की भरपूर मात्रा का न होना।

4 जरूरत से ज्यादा अल्कोहल पीना, क्योंकि अल्कोहल में कैलोरी बहुत ज्यादा होती है।

5 ब्लड में ग्लूकोज का लेवल बढ़ना और इंसुलिन का फंक्शन ठीक से न होना।

6 अगर परिवार में इस बीमारी की हिस्ट्री है तो बाकी लोगों को भी खतरा होता है। यह अनुवांशिक भी होती है।

7 डायबिटीज का एक कारण चिंता या तनाव भी है।

8 कुल मिलाकर देखा जाए तो इसकी सबसे प्रमुख वजह होती है मोटापा।

डायबिटीज के नुकसान

डायबिटीज से मौत तक हो सकती है। यह बेहद गंभीर शक्ल भी ले सकती है। इससे आंखें, दिमाग, दिल और किडनी को सबको बड़ा खतरा रहता है।

Home remedies for Diabetes – डायबिटीज के घरेलू इलाज

– तुलसी की दो तीन पत्तियां या एक चम्मच तुलसी का रस खाली पेट लेने से ब्लड शुगर का स्तर घटता है।
– अलसी में फाइबर बहुत है। रोज सुबह खाली पेट एक चम्मच अलसी गरम पानी के साथ लें। वैसे अलसी की चटनी भी बनती है।
– बिलबेरी (नीलाबदरी) पौधे की पत्तियों को ओखली और मूसल में पीस लें और रोज खाली पेट 100 मिलीग्राम रस पिएं।

– गर्म पानी में ग्रीन टी की एक बैग 2-3 मिनिट तक डुबाकर रखें। सुबह एक कप पिएं वैसे दिन में कभी भी पी सकते हैं।

– ड्रमस्टिक यानी अमलतास की कुछ पत्तियां लें। उन्हें धोकर उनका रस निकालें। एक चौथाई कप रस रोज सुबह खाली पेट पिएं।
– नीम की नरम पत्तियों का एक चम्मच रस खाली पेट पिएं।

-आपको डायबिटीज है इसका ये मतलब नहीं कि आप खाना कम कर दें। शुगर के मरीजों को सुबह का नाश्‍ता जरूर करना चाहिए। इससे आपका ब्लड शुगर का लेवल मेनटेन रहेगा। हालांकि हमें यह जरूर देखना चाहिए कि नाश्‍ते में हमारे लिए क्‍या चीजें बेहतर रहेंगी।

आप दिन की शुरुआत करेले के जूस से कर सकते हैं। जाहिर सी बात है करेला होता तो कड़वा है मगर शुगर का लेवल मेनटेन रखने का काम बहुत अच्छे से करता है। अगर करेले का जूस पीने में दिक्‍कत है या फिर रोज पीने में दिक्‍कत है तो आप एलोवेरा जूस भी पी सकते हैं। आप चाहें तो 200 एमएल जूस पी सकते हैं। एलोवेरा जूस भी पीने में काफी कसैला होता है मगर फिर भी पिया जा सकता है।

एक से दो चम्मच मेथी के दाने रात को भिगो दें और सुबह इसका पानी पी जाएं व मेथी चबा चबाकर खा जाएं।

दालचीनी के एक टुकड़े को रातभर पानी में भिगोकर रखें और अगले दिन उस पानी को पी लें।

अगर आप इस बीमारी की चपेट में आ गए हैं तो कोई भी नुस्खा आजमाने से पहले डॉक्टर को दिखाएं और उसकी सलाह को फॉलो करें। अगर आपको दवा दी गई है तो उसे टाइम से खाएं और डॉक्टर जैसा कहते हैं वैसा करें।

Cure of Diabetes – डायबिटीज का उपचार

डायबिटीज की एक वजह तनाव भी है इसलिए कोशिश करें कि तनाव कम रहे। अगर आप कोई ऐसा काम करते हैं जिसमें टेंशन ज्यादा होती है तो उसे निकालने के रास्ते भी खोजें जैसे अपनी किसी हॉबी को वक्त दें। अगर आपको काई खेल पसंद है वो खेलें। हफ्ते में पांच दिन रोजाना कम से कम आधा घंटा एक्सरसाइज करनी चाहिए।
पेड़ पौधों पर ध्यान दें उनकी बागवानी करें। मेडिटेशन करने से भी तनाव से मुक्ति मिलती है। योग निद्रा, कायोत्सर्ग जैसी क्रियाओं से तन और मन दोनों को शांति मिलती है।
जैसा कि हमने बात की थी कि इसकी सबसे बड़ी वजह मोटापा है। आप कितने ही बिजी हों मगर फिजिकल वर्कआउट के लिए टाइम जरूर निकालें। रात के टाइम ज्‍यादा कार्बोहाइड्रेट न लें इससे मोटापा बढ़ता है।
याद रखें मोटापा डायबिटीज के लिए दरवाजे खोलता है इसलिए आप मोटापे के लिए दरवाजा न खोलें।
डायबिटीज में सब्‍जियों से परहेज करते हैं जो जमीन के नीचे उगती हैं जैसे आलू, अरबी, शकरकंद वगैरह।
अगर आपको यही बीमारी हो गई है तो मीठों फलों के जूस परहेज करें इसके अलावा आम, लीची, अंगूर, केला, चीकू, शरीफा से भी परहेज करना होगा।
अगर कोई घाव हो गया है तो उसे हल्‍के में बिल्कुल न लें तुरंत इलाज कराएं। डायबिटीज के रोगियों के घाव जल्दी नहीं भरते और कई बार तो जख्‍म नासूर बन जाते हैं। इस बात का खास ध्यान रखें।
ट्रांस फैट, आलू, केला, आम, शरीफा, चीकू, शकरकंद, अरबी, पास्ता, व्हाइट ब्रेड, शहद, कोल्ड ड्रिंक और अन्य मीठे ड्रिंक, एल्कोहल, पैकेट बंद स्नैक्स, फ्रूट जूस, फ्रेंच फ्राइज़

घास पर नंगे पांव चलें, स्वस्थ रहें

कुछ रिसर्च में कहा गया है कि जिन लोगों को डायबिटीज है उनहें वॉक जरूर करनी चाहिए और उसमें भी नंगे पांव घास पर चलना ज्‍यादा फायदेमंद होता है।  डायबिटीज के मरीजों में आमतौर पर पांव से जुड़ी समस्या देखने को मिलती हैं। लेकिन अगर वह रोज घास पर नंगे पांव चलें तो इससे उनके पांव के तलवे ब्‍लड सर्कुलेशन बेहतर होगा। इसकी सीधे तौर पर दो वजह होती हैं, पहली तो ये कि जिस भी बॉडी पार्ट पर एकस्ट्रा प्रेशर पड़ता है उस और ब्लड सर्कुलेशन बढ़ जाता है। दूसरी बात ये है कि धरती की ग्रैविटी हर चीज को नीचे की ओर खींचती है ऐसे मे जब आप नंगे पांव घास पर चलेंगे तो ग्रैविटी वजह से ब्लड फ्लो पैरों की ओर बढ़ जाएगा।

Non veg and diabetes – नॉनेवज और डायबिटीज का रिलेशन

एक रिसर्च के मुताबिक, जो लोग वेज फूड खाते हैं, उनमें डायबिटीज होने के चांस काफी कम होते हैं। इसके मुकाबले, मांसाहारियों में इसका रिस्क ज्‍यादा होता है। एनिमल फैट को अवॉइड करके टाइप 2 डायबिटीज के रिस्क को कम किया जा सकता है।
सन 2009 में द एडवेंटिस्ट हेल्थ स्टडी-2 ने 61000 लोगों पर रिसर्च की, इसमें सामने आया कि जो लोग मीट खाते हैं, उनमें शाकाहारियों के मुकाबले डायबिटीज होने के चांस डबल हैं। वैज्ञानिकों ने मीट और डायबिटीज का रिलेशन जानने के लिए रिसर्च की। इसमें पता चला कि रोज 99 ग्राम रेड मीट खाने से, डायबिटीज के चांस 10% बढ़ जाते हैं, और हर रोज़ 49 ग्राम रेड मीट खाने से, यह रिस्क 51 % बढ़ जाता है।
इसी तरह से एक अन्य स्‍टडी नर्स हेल्थ स्टडी 2 में पता चला कि जो लोग पैकेज्ड रेड मीट हफ्ते में 5 दिन से ज़्यादा खाते हैं, उनमें डायबिटीज के चांस 91 फीसदी बढ़ जाते हैं।
वैज्ञानिक वेज फूड पर ज्‍यादा जोर दे रहे हैं जैसे दाल, आटा, फल, हरी सब्‍जियां और ड्राई फ्रूट्स। डॉक्टरों की सलाह है कि कैंसर, डायबिटीज और हार्ट अटैक से बचने के लिए नॉन-वेज को एवॉइड करें और वेज फूड को चुनें।

Bottom line
इस लेख में हमने डायबिटीज के प्रकार, उसके लक्षण, डायबिटीज (Diabetes) के कारण और इसके घरेलू इलाज के अलावा यह भी डिस्कस किया कि आप कैसे इसकी चपेट में आने से बच सकते हैं। हमने यह भी पढ़ा डायबिटीज में किन फूड से परहेज करना चाहिए। यह रोग शहरी जनता को बड़ी तेजी से अपनी चपेट में ले रहा है। अगर हम अपनी लाइफस्टाइल को ठीक रखें तो इससे बच सकते हैं।

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2 comments

  1. hlo sir mera ek swaal hai meri age 19 hai agar mei 1 hour daily basketball khelta hun kya isse meri height 3 inch badh sakti hai please btaye sir

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