बॉडीबिल्डिंग के मिथ और सच पार्ट 2

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किसी ने ये कहा किसी ने वो कहा और हमने मान लिया। अच्छा फिगर पाने या अच्छी बॉडी बनाने की जब बात हो तो कई लोग नपे तुले नियमों में खुद को बांध लेते हैं। कुछ बातें बॉडी बिल्डरों के पर्सनल एक्सपीरिएंस से आती हैं तो कुछ कोरा झूठ होती हैं जो हेल्थ सप्लीमेंट बनाने वाली कंपनियां बाजार में फैलाती हैं ताकि उनका माल बिक सके। शरीर के विज्ञान पर हर रोज एक नई रिसर्च होती है। कुछ नई बातें सामने आती हैं और कुछ पुराने विश्वास टूटते भी हैं। हम आज बॉडी बिल्डिंग से जुड़े पांच और मिथक तोड़ने जा रहे हैं। जरा गौर फरमाएं। बॉडी बिल्डिंग से जुड़े पांच मिथक पार्ट 1 भी पढ़ें।
मिथक – सिर्फ प्रोटीन पाउडर से काम नहीं चलता उनके साथ क्रेटीन, ग्लूटामिन और बीसीसीए भी चलाना पड़ता है।
सच्चाई – ऐसा नहीं है। यह बात फूड सप्लीमेंट बेचने वाली कंपनियों ने उड़ाई है। हर शख्स का मकसद अलग अलग और हर शख्स की जरूरत अलग अलग। हमारा शरीर हजारों किस्म के कैमिकल से बनता है। कंपनियां इन्हीं में से कोई कैमिकल पकड़ लेती हैं और उसे अलग से बाजार में उतार कर उसकी हवा बनाती हैं।
ईमानदारी से कहें तो एक सीमा के बाद प्रोटीन पाउडर लेना पड़ जाता है। मगर क्रेटीन, ग्लूटामिन और बीसीसीए को लेने से पहले इन्हें जान लें और देखें कि आपको इनकी जरूरत है भी या नहीं। मोटे तौर पर सच्चाई ये है कि अगर आप उम्दा भोजन ले रहे हैं तो आपको इनमें से किसी की जरूरत नहीं है। हां कुछ कंडीशन हैं, जिनमें इन्हें लेना फायदा पहुंचा सकता है। इनके लिए आप पहले यह जानें कि क्रेटीन क्या है, ग्लूटामिन क्या है और बीसीसीए क्या है।

मिथक – पेट पर से फैट घटाने के लिए रोज पेट की एक्सरसाइज करनी होती है।
सच्चाई – अति तो अच्छाई की भी अच्छी नहीं होती। पेट के पीछे हाथ धोकर पड़ जाएंगे तो वो भी आपसे दुश्मनी ठान लेगा। पेट का फैट घटाने के लिए सिर्फ पेट ही नहीं बाकी बॉडी की एक्सरसाइज भी बेहद जरूरी है। पेट के तीन हिस्से होते हैं अपर, लोवर और साइड्स। अलग अलग दिन अलग अलग पार्ट की कसरत करें। आराम भी दें और ज्यादा ध्यान मल्टी ज्वाइंट वाली कसरतों पर दें। ज्यादा एब्स मारेंगे तो मोटा पेट ही सख्त हो जाएगा। तब और मुसीबत बढ़ जाएगी। सिर्फ एब्‍स की एक्‍सरसाइज से कमर पतली नहीं होती।

मिथक – स्क्वेट करने से घुटने खराब हो जाते हैं।
सच्चाई – पूड़ी तलने से हाथ जल जाते हैं। ये भी तो सच्चाई है तो क्या अब घरों में पूड़ियां तलना बंद करा देंगे‍? हाथ तभी जलते हैं जब गलती होती है। इसी तरह से गलत ढंग से एक्सरसाइज करेंगे तो स्क्वेट से घुटने खराब होते हैं। सही ढंग से सक्वेट करेंगे तो मजबूत पैर बनेंगे।

मिथक – फाइबर के लिए बहुत सारा सलाद खाना चाहिए।
सच्चाई – अगर आप हिन्दुस्तान में रहते हैं और हिन्दुस्तानी खाना खाते हैं तो फाइबर के लिए बहुत परेशान नहीं होना चाहिए। ये फाइबर की जंग गोरों ने छेड़ी हुई है जिनका तीन तीन दिन पेट साफ नहीं होता। उनका खानपान हमसे बहुत अलग है। आप तो बस इतना समझ लें कि नाश्ते और दोपहर के खाने के बीच में फल और भोजन के साथ थोड़ा बहुत सलाद से आपका चल जाएगा। पेट के लिए कैकटस से कम नहीं होता सलाद पत्‍ता।

मिथक – एक्सरसाइज के हर सेट में फेल होना ही इस बात की निशानी है कि सेट सही ढंग से लगा है।
सच्चाई – मेहनत से कसरत करने पर ही नतीजे आते हैं। मगर हर बार अपने आपको दर्द की हद तक ले जाना वाजिब नहीं है। जरूरी नहीं हर सेट में आप भयंकर दर्द महसूस करें। ऐसा करने पर अगला सेट पूरी क्षमता के साथ नहीं लगा पाएंगे। आमतौर पर हम एक एक्सरसाइज में तीन से चार सेट लगाते हैं। ऐसे में पहले सेट में तो कतई फेल होने की कोशिश न करें। पहले से इतनी कैलकुलेशन रखें कि आप कितना वेट उठा सकते हैं और कितने रैप निकाल सकते हैं। आखिरी के दो सेट या आखिर के एक सेट में पूरी तरह से फेल होना वाजिब है।

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One comment

  1. Sir mera bench power increase nhi ho rha hai

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