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क्रिएटिन के 10 लाभ सबूत के साथ 

Creatine एक नेचुरल सप्लीमेंट है जिसका इस्तेमाल खिलाड़ियों की परफॉर्मेंस सुधारने और बॉडी बिल्डिंग में किया जाता है। इसकी गिनती बॉडी बिल्डिंग के सबसे सेफ सप्लीमेंट्स में होती है। मसल्स बनाने और स्ट्रेंथ बढ़ाने के लिए हेल्थ मार्केट में क्रिएटिन का काफी नाम है। यह सप्लीमेंट न केवल नेचुरल और लोकप्रिय है बल्कि यह काफी पुराना भी है, और जो भी सप्लीमेंट काफी पुराने समय से बाजार में होता है। उसके बारे में जो आम राय बनती है वह काफी हद तक सही होती है। कोई नई चीज बाजार में आती है तो बहुत कम लोगों ने यूज की होती है। कंपनियां तो हमेशा अपने प्रोडक्ट की तारीफ करती हैं, मगर असल बात तो कुछ सालों बाद ही सामने आती है। क्रिएटिन को बाजार में आए आधा दशक से ज्यादा बीत चुका है और बहुत कम लोग इसकी बुराई करते मिलेंगे।

क्या है क्रिएटिन – What is creatine

इससे पहले कि हम क्रिएटिन (Creatine ) के फायदों पर बात करें हमें मोटे शब्दों में समझ लेना चाहिए कि येच चीज क्या है। क्रिएटिन आसमान से उतरी चीज नहीं है। हमारी बॉडी अपनी जरूरत के हिसाब से खुद इसका निर्माण करती है। इसका काम मसल्स में एनर्जी को स्टोर करने में मदद करना होता है। मांस-मछली में यह काफी मात्रा में पाया जाता है, इसलिए अक्सर लोग कहते हैं कि नॉन वेजेटेरियन लोगों को क्रिएटिन (Creatine ) की कोई खास जरूरत नहीं पड़ती। जहां क्रिएटिन (Creatine ) की कमी से परफॉर्मेंस में गिरावट हो सकती है वहीं इसका अधिक होना भी नुकसानदायक है। यह खासतौर पर किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है।

लाभ – 10 benefits of creatine

क्रिएटिन अथवा क्रेटीन क्या है। उसकी लोडिंग डोज, नॉर्मल डोज और उसके टॉप 6 साइड इफेक्ट क्या हैं और क्रिएटिन को कैसे यूज करते हैं।

1  मसल्स सेल्स को ज्यादा एनर्जी पैदा करने में मदद करता है – जब हम कसरत करते हैं तो ATP (Adenosine triphosphate) टूटता है और उससे एनर्जी पैदा होती है। हम जितनी इंटेंस ट्रेनिंग करते हैं उतनी ही तेजी से एटीपी टूटता है। मगर हमारा शरीर इतना कैपेबल नहीं होता कि वह उतनी तेजी से एटीपी को बनाता जाए। क्रिएटिन सप्लीमेंट मसल्स के phosphocreatine को इकट्ठा करने में मदद करता है। Phosphocreatine नया एटीपी बनाने में मदद करता है। तो कुल मिलाकर बात ये है कि इससे आपकी वर्कआउट करने की कैपेसिटी बढ़ती है।  हां मगर ये बात भी आप गांठ बांध लें कि अगर ढंग से डाइट नहीं लेंगे। प्री वर्कआउट मील नहीं लेंगे और ये सोचेंगे कि क्रिएटिन (Creatine ) खाने से बेहिसाब वर्कआउट करने लेंगे तो ऐसा नहीं होने वाला। क्रिएटिन केवल मदद करता है।

2 मसल्स को कई तरह से मदद देता है – क्रिएटिन (Creatine ) मसल्स मास बढ़ाने के लिए काफी पॉपुलर सप्लीमेंट है। ये ऐसे कई रास्ते खोलता है जिनकी बदौलत नई मसल्स की ग्रोथ में मदद मिलती है। उदाहरण के तौर पर ये प्रोटीन की फॉरमेशन में मदद करता है जो नए मसल्स फाइबर बनाता है। यह बॉडी में IGF-1 के लेवल को भी बढ़ाता है। ये एक ग्रोथ फैक्टर होता है जो मसल्स मास बढ़ाने में मदद करता है। इसके अलावा यह मसल्स में पानी की मात्रा भी बढ़ाता है। इसे cell volumization कहते हैं। इसमें मसल्स का साइज बहुत तेजी से बढ़ जाता है। कुछ रिसर्च कहती हैं कि क्रिएटिन (Creatine) myostatin का लेवल घटाता है। Myostatin मसल्स की ग्रोथ में रुकाटव डालने का काम करता है। इसके कम हो जाने से मसल्स की ग्रोथ का रास्ता खुल जाता है।

आपको ये बात बहुत पसंद आई होगी कि इससे मसल्स का साइज बहुत तेजी से बढ़ जाता है।ये बात सही है मगर ये बात भी सही है कि क्रिएटिन छोड़ने के बाद कुछ साइज गिर भी जाता है। क्योंकि क्रिएटिन (Creatine) की वजह से बॉडी में पानी भी इकट्ठा हो जाता है और यानी बाद में धीरे धीरे कम हो जाता है।

3 ये हाई इंटेसिंटी वर्कआउट परफॉर्मेंस को बढ़ाता है : कुछ रिसर्च का ये दावा है कि एटीपी को तुरंत तैयार करने की क्रिएटिन (Creatine) की जो क्षमता है उसकी बदौलत कुछ लोगों की वर्कआउट या एथलेटिक्स परफॉर्मेंस में जबदरस्त इजाफा नजर आता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत ये है कि यह मसल्स की सहने की क्षमता बढ़ा देता है। सहने की क्षमता बढ़ने से आप ज्यादा रैप निकाल सकते हैं, या ज्यादा देर तक रनिंग कर सकते हैं या ज्यादा तेज रनिंग कर सकते हैं। क्रिएटिन की बदौलत थकान कम महसूस होती है। रिसर्च यह भी कहती हैं कि क्रिएटिन (Creatine) ऐसा सप्लीमेंट है जो सभी को फायदा पहुंचाता है चाहे वो शुरुआती एथलीट हो या पुराना।

4 मसल्स की ग्रोथ बढ़ाता है : असल में क्रिएटिन (Creatine) सबसे ज्यादा पॉपुलर इसी वजह से हुआ है कि ये मसल्स मास बढ़ाने में मदद करता है। कई लोगों में केवल पांच से सात दिन में मसल्स के साइज में इंप्रवमेंट या लीन मास में बढ़ोतरी नोट की गई है। हालांकि यहां मैं एक बात और क्लियर कर दूं कि ये गेनिंग इसलिए भी नजर आती है क्योंकि क्रिएटिन (Creatine) तुरंत बॉडी में पानी होल्ड करने लगता है, होल्ड करने का मतलब ये है कि आपके मसल्स में पहले के मुकाबले ज्यादा पानी इकट्ठा हो जाता है। इसकी वजह से मसल्स भरे भरे महसूस होते हैं और बड़े बड़े से नजर आते हैं।
छह सप्ताह की ट्रेनिंग के सथ हुई एक स्टडी में यह बात सामने आई कि जिन लोगों ने क्रिएटिन यूज किया था उन्होंने दूसरों के मुकाबले औसतन दो किलो ज्यादा मसल मास गेन किया।

5 पार्किंसन बीमारी को दूर रखने में मदद करता है : क्रिएटिन पार्किंसन बीमारी को दूर रखने में भी मदद करता है। ये वो बीमारी है जिसमें बॉडी और दिमाग का तालमेल गड़बड़ा जाता है। ये बीमारी तब होती है जब दिमाग में डोपामाइन की कमी हो जाती है। इसकी कमी से दिमाग की सेल्स मरनी लगती हैं और कई सारी गंभीर समस्याएं सामने आने लगती हैं, जैसे झटके लगना, बोलने में दिक्कत होना, मांसपेशियों का ठीक से काम न कर पाना। रिसर्च में यह बात सामने आई है कि क्रिएटिन के इस्तेमाल की बदौलत डोपामाइन में आने वाली कमी को 90 फीसदी तक संभाला जा सकता है। इस बीमारी से पीड़ित लोगों को भी अक्सर जिम जाने की सलाह दी जाती है।

इस बीमारी से पीड़ित कुछ लोगों पर हाल ही में हुई रिसर्च में यह बात सामने आई कि रोज 4 से 10 ग्राम क्रिएटिन लेने से उनकी रोजमर्रा के एक्टिविटी लेवल में सुधार आ गया। हालांकि मैं आपसे ये नहीं कहूंगा कि आप क्रिएटिन इसलिए लें ताकि आपको पार्किंसन जैसी बीमारी न हो। इस तरह से तो ना जाने कितने साल तक आप क्रिएटिन का यूज करते रहेंगे। जब आप बॉडी बिल्डिंग कर रहे हैं उसे यूज करें और उसके बाद कायदा तो यही है कि बंद कर  दें। वैसे भी कोई भी सप्लीमेंट ताउम्र नहीं चलाया जाता है। मकसद पूरा होते ही नचुरल हेल्दी डाइट पर आ जाना चाहिए।

Related – क्रिएटिन के 6 साइड इफेक्ट 

6 डायबिटीज से लड़ने में मदद करता है – रिसर्च से पता चला है कि क्रिएटिन सप्लीमेंट से ब्लड शुगर का लेवल कम होता हे। क्योंकि ये GLUT4 के काम करने की ताकत को बढ़ा देता है। ये वो ट्रांसपोर्टर है जो ब्लड शुगर को आपके मसल्स में पहुंचाने का काम करता है। इससे बॉडी का शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। करीब 12 सप्ताह तक की गई एक स्टडी में यह देखा गया कि ढेर सारा कार्बोहाइड्रेट खाने के बाद क्रिएटिन कैसे ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करता है। जो लोग कसरत करने के साथ-साथ क्रिएटिन भी ले रहे थे। उनका ब्लड  शुगर लेवल दूसरों के मुकाबले ज्यादा ठीक रहा। जितना जल्दी आपकी बॉडी खून से शुगर को हटा देती है उतना ही आपके लिए बेहतर रहता है। इन रिसर्च से कुछ नतीजे मिले हैं, हालांकि क्रिएटिन और शुगर को लेकर लंबी रिसर्च होनी बाकी है।

7  दिमाग को दुरुस्त करता है : क्रिएटिन दिमागी सेहत और उसके काम करने की क्षमता को भी दुरुस्त करता है। रिसर्च के मुताबिक, कई सारे कठिन कार्यों को करने के लिए हमारे दिमाग को काफी मात्रा में एटीपी की जरूरत होती है। जैसा कि हम पहले ही बता चुके हैं कि क्रिएटिन
एटीपी के लगातार निर्माण को प्रमोट करता है। यह डोपाइामन के सही लेवल को मेनटेन कर दिमाग की कैपेसिटी को बढ़ा सकता है। कहा जाता है कि बुजुर्गों के क्रिएटिन खाने से उनकी याद्दाश्त सुधरती पाई गई है। हालांकि इस बारे में अभी विस्तार से कोई रिसर्च सामने नहीं आई है। क्रिएटिन और शाकाहारियों को लेकर की गई एक स्टडी में यह बात सामने आई कि इस सप्लीमेंट का इस्तेमाल करने वाले शाकाहारियों की याद्दाश्त में बीस से 25 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली।

8 थकान कम करता है : यह क्रिएटिन का सबसे खास गुण है। यह मसल्स की सहने की क्षमता बढ़ा देता है। क्षमता बढ़ने की वजह से हमें कम थकान महसूस होती है। ब्रेन सर्जरी करवाने वाले कुछ लोगों पर छह माह तक की गई स्टडी में यह बात सामने आई कि जिन लोगों को सप्लीमेंट के तौर पर क्रिएटिन दिया गया उनमें औरों के मुकाबले 50 फीसदी कम चक्कर आए। इसके अलावा केवल 10 फीसदी मरीजों को थकान महसूस हो रही थी, जबकि क्रिएटिन ना यूज करने वालों में से 80 फीसदी ने थकान महसूस की।

9 सुरक्षित है और आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है :  इसकी एक खासियत ये भी है कि क्रिएटिन एक तो सस्ता है और दूसरा इसे इस्तेमाल करना भी आसान है। अभी तक किसी स्टडी में ऐसा कोई बड़ा चिंता पैदा करने वाला वाकया सामने नहीं आया है। आपको केवल दिन में तीन से पांच ग्राम क्रिएटिन लेना होता है।

10 शाकाहारियों के लिए ज्यादा बेहतर – जो लोग नॉन वेज खाते हैं उन्हें काफी मात्रा में क्रिएटिन खाने से  ही मिल जाता है। मगर शाकाहारी फूड में उतना क्रिएटिन नहीं होता। इसलिए अक्सर वेजेटेरियन लोगों को क्रिएटिन लेने की सलाह दी जाती है। शकाहारी भोेजन में वैसे भी सभी तरह के अमीने एसिड नहीं होते हैं। इसलिए बॉडी बिल्डिंग में अक्सर नॉन वेज खाने वाले लोग आने निकल जाते हैं। आप शाकाहारी हैं तो आपको लगता है कि क्रिएटिन लेना चाहिए तो शौक से लें मगर उसे हमेशा के लिए अपनी डाइट का हिस्सा न बनाएं। यूज करें, ब्रेक दें और जब मकसद पूरा हो जाए तो छोड़ दें। इतना जरूर याद रखें कि क्रिएटिन कोई भगवान नहीं है, जिसके बिना बॉडी नहीं बनेगी।

Reference : International Society of Sports Nutrition position stand: creatine supplementation and exercise

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