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5 लाभ जिनकी वजह से व्हे प्रोटीन पर फिदा हैं बॉडी बिल्डर

जिम में पहला दिन हुआ नहीं कि लोग व्हे प्रोटीन के बारे में बात करने लगते हैं। मैंने अक्सर जिम आने वाले नए युवकों को डाइट से पहले व्हे प्रोटीन के बारे में पूछते देखा है। ज्यादातर लोगों को ऐसा लगता है जैसे व्हे प्रोटीन के बिना बॉडी बन ही नहीं सकती। इसीलिए वो अपनी डाइट और वर्कआउट पर फोकस करने की बजाए, सारा ध्यान इसी पर लगाए रखते हैं। हां व्हे प्रोटीन बॉडी बिल्डिंग का एक अहम हिस्सा है। हां व्हे प्रोटीन बॉडी बनाने में मदद करता है। इसे हजम करना आसान होता है और कैरी करना भी आसान होता है। हां इसके नतीजे कई बार बहुत अच्छे निकलते हैं, मगर ये बात सौ फीसदी छूठ है कि आप बिना व्हे प्रोटीन बॉडी नहीं बना सकते। इस लेख में व्हे प्रोटीन के लाभों के बारे में जानेंगे।

 हां इसके नतीजे कई बार बहुत अच्छे निकलते हैं, मगर ये बात सौ फीसदी छूठ है कि आप बिना व्हे प्रोटीन बॉडी नहीं बना सकते। इस लेख में व्हे प्रोटीन के लाभों के बारे में जानेंगे।
व्हे प्रोटीन बॉडी बिल्डिंग का एक अहम हिस्सा है।

What is Whey protein

यह दूध से तैयार होता है। अगर गूगल में इसकी हिंदी देखेंगे तो वो मट्ठा प्रोटीन कहेगा, मगर ऐसा नहीं है। मट्ठे यानी छाछ में भी प्रोटीन होता है मगर इसका व्हे प्रोटीन उससे तैयार नहीं होता। दूध से cheese बनाने के दौरान बहुत सारा पानी निकलता है। यह हल्के पीले रंग का होता है। एक वक्त था जब इस पानी का फेंक दिया जाता था, मगर भला हो उस वैज्ञानिक का जिसने ये खोजा कि इस पानी से बॉडी बिल्डिंग में बहुत काम आने वाली चीज बनाई जा सकती है।
इसी पानी को सुखा का प्रोसेस करने के बाद व्हे प्रोटीन तैयार किया जाता है। इसमें फैट भी होता है। जो सबसे पहला पाउडर तैयार होता है उसे whey protein blend कहते हैं।

इसे दोबारा प्रोसेस करने के बाद इसमें से काफी फैट निकाल लिया जाता है, तब बनता है whey protein concentrate. इस प्रोटीन में फैट की मात्रा कम होती है। लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होतीप। इस प्रोटीन पाउडर को एक बार फिर प्रोसेस किया जाता है तो उसमें फैट को पूरी तरह से अलग कर लिया जाता है। तब हमें मिलता है whey protein isolate. इसे आइसोलेट इसीलिए कहते हैं क्योंकि ये अकेला होता है फैट से बिछड़ चुका होता है। लीन बॉडी और कटिंग में सबसे ज्यादा आइसोलेट चलता है। बाकी दोनों प्रोटीन भी उम्दा होते हैं और आइसोलेट से सस्ते पड़ते हैं, तो जिन लागों को अभी कटिंग नहीं करनी या प्रोफेशनल बॉडी बिल्डिंग नहीं कर रहे या गेनिंग कर रहे हैं तो व्हे प्रोटीन ब्लेंड या कॉन्सनट्रेस आसानी बेहिचक ले सकते हैं।

Benefits of Whey protein- व्हे प्रोटीन के लाभ

इसमें कोई दो राय नहीं है कि बनाने वाले ने बड़े काम की चीज बनाई है। एक किलो दूध में जितना प्रोटीन मिलता है उतना आपको एक स्कूप व्हे प्रोटीन में मिल सकता है। मेरे लिए ये इमैजिन करना भी कठिन है कि अगर व्हे प्रोटीन नहीं होता तो मैं बॉडी बिल्डिंग कैसे करता। ये बात सही है कि इसकी तारीफ करने का फायदा प्रोटीन बनाने वाली कंपनियों को होगा, मगर फिर भी मैं इसकी तारीफ करूंगा। अब हम इसके लाभ पर तफ्सील से बात करेंगे।

1 ये मसल्स बनाता है – व्हे प्रोटीन मसल्स बनाने में बहुत बड़ा रोल प्ले करता है। आप तो जानते ही हैं कि हमारे मसल्स प्रोटीन से बनते हैं। जब बॉडी को सही मात्रा में प्रोटीन मिलता है तो उसे मसल्स बिल्डिंग के काम में लगाती है। किसी की भी ग्रोथ में प्रोटीन का रोल बहुत अहम होता है। आपने मजदूरों को देखा हो, उनकी बॉडी बहुत लीन होती है। क्योंकि उनकी डाइट में कार्बोहाइड्रेट ज्यादा मगर प्रोटीन कम होता है। उनकी बॉडी की शेप तो बहुत जबरदस्त होती है मगर साइज नहीं होता। बॉडीबिल्डिंग में यूज होने वाले अन्य सप्लीमेंट्स जैसे क्रिएटिन, ग्लूटामाइन और बीसीएए के मुकाबले ये ज्यादा काम का है।

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2 आसानी से हजम हो जाता है – अगर आपको दूध से दिक्कत है तो आपको व्हे प्रोटीन से दिक्कत हो सकती है। वरना व्हे प्रोटीन आसानी से हजम हो जाने वाला प्रोडक्ट है। व्हे प्रोटीन को यूज करने का वैसे तो सबसे अच्छा तरीका है उसे शेक में लेने का। आप केले और दूध या आम और दूध के साथ शेक बनाकर उसमें व्हे प्रोटीन डालेंगे तो इसका ज्यादा से ज्यादा हिस्सा बॉडी में इस्तेमाल हो पाएगा।

आपकी व्हे प्रोटीन का पूरा यूज कर पाएंगे अपनाएं ये टिप्स

3 कैलोरी मिलती है – हमारा शरीर कैलोरी से चलता है। अगर कोई शख्स गेनिंग पर है तो ये जरूरी है कि वह अपनी जरूरत से कम से कम 700 कैलोरी अधिक ले तभी वजन बढ़ना शुरू होता है। एक ग्राम प्रोटीन से हमें 4 कैलोरी मिलती है। इसलिए प्रोटीन कैलोरी का एक बड़ा सोर्स है। फिर इसके साथ ये भी फायदा है कि इससे फैट नहीं जमता, क्योंकि कैलोरी तो हमें फैट से भी मिल सकती है, मगर वो हमारी बॉडी में स्टोर भी हो जाता है। प्रोटीन बॉडी में स्टोर नहीं होता। इससे फैट जमा नहीं हो सकता।

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4 वेट लॉस और वेट गेन दोनों में काम आता है – ये बात बिल्कुल सही है। प्रोटीन दोनों मकसदों को पूरा करने के काम आता है। जब हम वेट गेन कर रहे होते हैं तो हमें प्रोटीन के साथ ढेर सारा कार्बोहाइड्रेट भी लेना होता है। इससे वजन बढ़ता है और मसल्स भी बनते हैं।
इसी तरह से जब आपको वेट लॉस करना होता है या कटिंग करनी होती है तो हम डाइट में प्रोटीन बढ़ा देते हैं और कार्बोहाइड्रेट कम कर देते हैं। इससे फैट लॉस शुरू हो जाता है।

5 समय बचाता है – इसकी सबसे बड़ी खूबी यही है कि यह आपका समय बचाता है। जो लोग दिनभर भागदौडृ में लगे रहते हैं उनके लिए जरूरत भर का प्रोटीन डाइट से जुटाना कई बार काफी कठिन हो जाता है। ऐसे में व्हे प्रोटीन उनकी मदद करता है। हालांकि मैं हमेशा यही बात कहता हूं कि व्हे प्रोटीन कभी भी डाइट की जगह पूरी तरह से नहीं ले सकता है। यह एक सप्लीमेंट और सप्लीमेंट की तरह ही काम करता है। जो लोग केवल व्हे प्रोटीन की बदौलत बॉडी बनाना चाहते हैं वो आखिर में पैसे और वक्त दोनों का नुकसान उठाते हैं और बॉडी भी नहीं बन पाती है।
इसे अपने साथ रखना आसान होता है। अगर आफ सफर पर हैं तो जिनते दिन के लिए बाहर निकले हैं। उतने दिन के हिसाब से किसी भी डिब्बे में व्हे प्रोटीन रख सकते हैं। ये कम से कम मसल्स लॉस से तो बचाएगा ही। इसके अलावा व्हे प्रोटीन रिकवरी में मदद देता है। लंबी बीमारी या बड़े एक्सीडेंट के बाद बॉडी में हुए लॉस को पूरा करने में व्हे प्रोटीन मदद करता है।

Bottom line

मगर व्हे प्रोटीन भगवान नहीं है – हां ये बात सही है कि इससे बॉडी बनाने में मदद मिलती है। मगर ये कतई सही नहीं है कि इसके बिना आप बॉडी नहीं बना पाएंगे। कई लोगों के दिमाग में ये बात घर करके बैठ जाती है कि अगर व्हे प्रोटीन नहीं होगा तो कसर करना ही बेकार है। ऐसा कतई नहीं है। वैसे भी इसमें कहीं की समझदारी नहीं है कि आप पूरे साल व्हे प्रोटीन खाते रहें, इससे लिवर पर बहुत लोड पड़ता है। अगर आप बॉडी मेनटेन कर रहे हैं तो भी इसकी जरूरत नहीं है। आप नार्मल नेचुरल डाइट पर आसानी से बॉडी मेनटेन कर सकते हैं। समझदारी भरा यूज यही है कि आप जब गेनिंग या कटिंग कर रहे हों तो इसका यूज करें और फिर जब आपका मकसद पूरा हो जाए तो साफ सपाट नेचुरल डाइट पर आकर बॉडी को मेनटेन करें। आप अपने पास तब भी व्हे प्रोटीन रख सकते हैं मगर उसे तब यूज करें जब आप कहीं बाहर जा रहे हों। या आपको पता है कि अलगे दो से तीन दिन आपको ठीक से डाइट लेने का टाइम नहीं मिल पाएगा।

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