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GHRP-6; क्या है इस्तेमाल का तरीका और साइड इफेक्ट

GHRP-6 (Growth Hormone Releasing Hexapeptide) इन दिनों बॉडी बिल्डिंग में धड़ल्ले से यूज हो रहा है। जैसा कि इसके नाम से ही कुछ कुछ समझ आता है कि ये ऐसा पेप्पटाइड है जो ग्रोथ हार्मोन रिलीज करता है। यह मसल्स बनाने के काम आता है और कुछ हद तक फैट लॉस भी करता है। ये बात तो आप जानते ही होंगे कि हमारा विकास ग्रोथ हार्मोंस की बदौलत ही होता है। आप एक बूढ़े शख्स को ढेर सारा प्रोटीन खिला देंगे तो भी ऐसा नहीं होगा कि उनके मसल्स ग्रो करने लगें, क्योंकि उनके ग्रोथ हार्मोंस बहुत कम हो चुके होते हैं। बॉडी बिल्डिंग में आपकी डाइट और आपकी एक्सरसाइज तभी सफल होगी जब आपके हार्मोंस सही होंगे। यही वजह है कि GHRP-6 अब बॉडी बिल्डर्स की च्वॉइस लिस्ट में शामिल हो गया है।

मैं ये बात शुरू में ही क्लियर देता हूं कि यह स्टेरॉडइ नहीं होता। अब जबकि स्टेरॉइड नहीं होता जो जाहिर है इसे यूज करने से वो नुकसान भी नहीं होते जो स्टेरॉडइ से होते हैं। हालांकि इसका ये मतलब कतई नहीं है कि GHRP-6 पूरी तरह से सेफ है। बॉडी बिल्डिंग में कुछ भी पूरी तरह से सेफ नहीं होता और हम तो वैसे भी प्रकृति के नियमों के खिलाफ जाकर बॉडी बनाते हैं। GHRP-6 खुद ग्रोथ हार्मोंस भी नहीं होता। ये हमारी बॉडी को ग्रोथ हार्मोंस रिलीज करने के लिए उकसाता है। ये हमारे पिट्यूटरी ग्लैंड्स को संदेश देता है कि भाई, जितने ग्रोथ हार्मोंस आप रिलीज कर रहे हो उतने से काम नहीं चलने वाला हमें और ग्रोथ हार्मोंस चाहिए।

अगर आपकी बॉडी और जीएचआरपी-6 के बीच सही तालमेल बैठ गया तो चौंकाने वाले नतीजे सामने आते हैं। लोग बहुत तेजी से गेन करने लगते हैं। अगर डाइट की क्वालिटी सही रहे और वर्कआउट की उम्दा रहे तो बॉडी काबिलेतारीफ बन जाती है। हालांकि आपको ये उम्मीद नहीं करनी चाहिए कि ये बिल्कुल कसी हुई लीन बॉडी बना देगा। ये काम GHRP-6 का नहीं है। इसका सबसे सही यूज या यूं कहें मिस येज है गेनिंग में।

GHRP-6 इस्तेमाल करने से क्या होता है

इसके इस्तेमाल से बॉडी में ग्रोथ हार्मोंस और आईजीएफ-1 का लेवल बढ़ जाता है। यानी फैट लॉस और मसल्स बिल्डिंग शुरू। ये बात काबिलेगौर है कि जब अगर किसी की बॉडी में ग्रोथ हार्मोंस और आईजीएफ-1 दोनों का लेवल बढ़ जाता है तो न केवल मौजूदा मसल्स का साइज बढ़ने लगता है बल्कि मसल्स सेल्स की गिनती भी बढ़ जाती है। यानी साइज भी बढ़ता है और वॉल्यूम भी। GHRP-6 का इंजेक्शन लगने के बाद अचानक भूख भी बढ़ जाती है। इसलिए ऐसे लोग इसका यूज करते हैं, जिन्हें भूख कम लगती है।

GHRP-6 एक पेप्टाइड है, जो हमारी बॉडी को ग्रोथ हार्मोंस रिलीज करने के लिए उकसाता है। इसकी डोज दिन में तीन बार और एक बार में 5 आईयू होती है। इसके साइड इफेक्ट में गुस्सा और तेज भूख लगना शामिल है।
GHRP-6 अब बॉडी बिल्डर्स की च्वॉइस लिस्ट में शामिल हो गया है।

इसे आप GHRP-6 का फायदा भी मान सकते हैं और नुकसान भी। कई लोगों को बहुत तेज भूख लग जाती है और ऐसे में वह कुछ भी खाने लगते हैं। कुछ भी मेरा मतलब है कि क्लीन डाइट नहीं रखते। हाथ लगा तो पांच समोसे ही खा गए। तो जो भी भाई इसका यूज करें ये बात अपने दिमाग में रखें।

इसके अलावा GHRP-6 मसल्स रिकवरी में काफी काम करता है। यानी मसल्स में होने वाली टूट फूट की मरम्मत तेज हो जाती है। GHRP-6 यूज करने के बाद आपको किसी तरह की पीसीटी नहीं करनी पड़ती। बल्कि कई प्रोफेशनल बॉडी बिल्डर्स तो स्टेरॉइड के एक साइकिल और दूसरे साइकिल के बीच के गैप में इसे पुल की तरह इस्तेमाल करते हैं।

कैसे और कब लेना होता है GHRP-6

ज्यादातार GHRP-6 5एमजी की वाइल्स में पाउडर फॉर्म में आते हैं। कुछ कंपनियां इसके साथ स्टेराइल वाटर भी देती हैं और कुछ नहीं देतीं। sterile water मिलाने के बाद ही इसे यूज किया जाता है। जैसे ही आप GHRP-6 की शीशी में sterile water मिला लेंगे उसे आपको फ्रिज में रखना होगा। एक बार पानी मिला लिया तो उसे ज्यादा से ज्यादा एक महीने में यूज करना होता है वरना उसकी ताकत खत्म हो जाती है। थोड़ी सी कैलकुलेशन करने के बाद आप समझ जाएंगे कि आपको इसकी कितनी डोज लेनी है और कैसे लेनी है।

हां एक बात और अगर आपको शीशी में स्टेराइल वाटर मिलाना नहीं आता तो बेहतर होगा यू ट्यूब पर कोई वीडियो देख लें या किसी भी कंपाउंर से ये काम करवा लें या सीख लें। पानी मिलाने के बाद इसे हिलाना नहीं चाहिए। अगर पाउडर में पानी ठीक से नहीं मिला तो शीशी को दोनों हथेलियों के बीच पकड़ें और हथेलियों को आपस में थोड़ा रगड़ लें, बस इतने से काम हो जाएगा। हथेलियां वैसे ही रगड़ें जैसे सर्दियों में हम हाथ गर्म करने के लिए रगड़ते हैं, मगर जरा आराम से। हां तो अब अगली बात। अगर आपने एक 5 एमजी की शीशी में 2.5 एमएल स्टेराइल वाटर मिला लिया है तो इसका मतलब ये हुआ अब शीशी में मौजूद 1 एमएल पानी में 2 एमजी GHRP-6 है। ये बात भी याद रखें कि 1 एमजी 1000 एमसीजी के बराबर होता है।
GHRP-6 दिन में दो से तीन बार लिया जाता है। अच्छे नतीजों के लिए खाने से कम से कम 30 मिनट पहले इसे लिया जाता है। हल्का खाली पेट रहे तो इसके नतीजे काफी अच्छे होते हैं और GHRP-6 की डोज के आसपास ही आप खाना वगैरह खाएंगे तो नतीजे काफी नीचे गिर जाएंगे। इसलिए सबसे पहली डोज सुबह उठते ही लें और बाकी की दो डोज भी ऐसे टाइम पर लें जब पेट थोड़ा खाली हो।
आमतौर पर एक बार में 100 एमसीजी यानी 0.1 एमजी की डोज काफी होती है। पूरे दिन में तीन बार के हिसाब से 300 एमसीजी हो गया। ज्यादातर लोगों पर इतनी डोज ठीक ठाक काम कर जाती है। अब जिस तरह से हमने शीशी तैयार की है उसी से मैं आपको समझाता हूं।

इसे इंसुलिन लेने वाली सीरिंज से लिया जाता है। जो शीशी हमने अभी ऊपर तैयार की है उसके 1 एमएल पानी में 2 एमजी GHRP-6 है। इसका मतलब ये हुआ कि हमें एक बार में केवल 0.05 एमएल यूज करना है। इसे ही 5 आईयू कहते हैं। तो सीधा मतलब ये है कि इंसुलिन वाली सुई में आपको 5 आईयू भरना है। इसे पेट पर लगाया जाता है। नाभि से जरा सा दूर दाईं या बाईं ओर लगा सकते हैं। डोज का ध्यान रखना होता है। इसके साथ सावधानी बरतनी बहुत जरूरी है। अगर कोई शख्स बॉडी बिल्डिंग नहीं कर रहा और बस किसी इंजरी से रिकवर होने के लिए इसे यूज करना चाहता है तो जितनी डोज ऊपर बताई उसकी आधी में भी काम चल जाएगा। GHRP-6 को आमतौर पर दो महीने यूज किया जाता है, हालांकि कितने दिन यूज करना है यह अपनी अपनी जरूरत पर डिपेंड करता है, मगर हां इतना है कि एक दो शीशी यूज करने का कोई मतलब नहीं है।

GHRP-6 के साइड इफेक्ट

पहली बात आप ये जान लें कि GHRP-6 इंसानों के इस्तेमाल के लिए है ही नहीं। ये किसी मेडिकल स्टोर पर नहीं मिलता। अभी तो ये केवल ब्लैक मार्केट में ही मिल रहा है। बहुत से लोग ऐसे भी हैं GHRP-6 के नाम पर प्योर इंसुलिन पकड़ा देते हैं। खैर अब इसके साइड इफेक्ट पर बात कर लेते हैं। GHRP-6 का यूज करने के पुरुषों की औरतों जैसी छाती डेवलप हो सकती है जिसे Gynecomastia कहते हैं। इसके अलावा इससे तेज भुख लगती है और कई बार गुस्सा भी बढ़ जाता है। अभी बाजार में इसका यूज तेजी से बढ़ रहा है तो इसके अन्य साइड इफेक्ट धीरे धीरे सामने आएंगे। हां ये बात तो आप समझ ही सकते हैं कि ये हमारे पिट्यूटरी ग्लैंड्स को उकसाता है, तो ऐसा हो सकता है कि हमारे पिट्यूटरी ग्लैंड्स को इनकी आदत पड़ जाए और बाद में वह ठीक से काम न करें। एक बात और समझ लें ग्रोथ हार्मोँस का बिगड़्ना बहुत खराब होता है। आपकी बॉडी में किसी भी तरह की गड़बड़ी पैदा हो सकती है।

Bottom line

कुल मिलाकर बात ये है कि GHRP-6 गैर कानूनी तरीके से बॉडी बिल्डिंग में इस्तेमाल किया जाता है। कोई डॉक्टर आपको इसकी सलाह नहीं देगा, मगर इसके नतीजे कई बार काफी चौंकाने वाले सामने आए हैं इसलिए लोग इसे यूज कर रहे हैं। अपने साइड इफेक्ट्स की वजह से स्टेरॉइड्स काफी बदनाम हो चुके हैं। ऐेसे में ये प्रोडक्ट कम साइड इफेक्ट के दावों के साथ अवतार लेता है, मगर इसकी असली कहानी अभी थोड़े समय बाद सामने आएगी। मैं इसे इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दे रहा।

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16 comments

  1. Sir ji kya ye suppliment muscle building me use krna chaheye spirulina k bare me btao aajkal youtube pr bht charhe h iske

  2. sir ji upper lower body workout or push pull workout plan gaining k leye thk h kya ya fr chest back legs shoulder biceps Hi thk rhta h kyuki m bor ho gya hoon ye chest back legs shoulder arms wala kr kr k aap koi workout plan ki post dalo sir mne apki site p 8 week wala workout or 5*5 wala b kiya mast h dono mja aa gya koi nya post kro sir

    • देखो भाई सच तो ये है कि बॉडी बनाने में आमतौर पर यही वर्कआउट रहता है। हम करते ये है किं जल्द से जल्द अपना मकसद हासिल कर लेते हैं। जब वो हो जाता है तो फिर अपने मन के हिसाब से वर्कआउट करते हैं, कभी मिस्क कर लिया, कभी पार्क चले गए, कभी स्वीमिंग करने चले गए, कभी क्रॉस फिट किया। वैसे आप अपने रुटीन वर्कआउट में भी कम से कम एक दिन क्रॉस फिट का जरूर रखें। हां अगर मैं भी सोचने लगूं तो बोरियत महसूस होने लगेगी। सच तो यही है कि आप नए नए वर्कआउट यू ट्यूब वगैरह से खोजें, सुपर सेट, ड्रॉप सेट मिक्स करें।

  3. Sir ji advance level biggner level intermideat aapki site p jikr h iska isme kon kon log samil hote h advance level me kon aate h intermideat me kon aate h or biggner me konse aaate h

    • एडवांस लेवल वो होता है जब आप प्रोफेशल बॉडी बिल्डरोंं जैसी बॉडी बना रहे होते हैं। बिगनर यानी नए बच्चे और बाकी सब इसके बीच में।

  4. Sir ji market me jo khula paneer milta h 200 rs kg wala usme ki 4th na protien hota h

    • भाई आजकल 200 रुपये किलो पनीर कौन दे रहा है, जरा देख लेना और दुकान बदल बदल कर सामान लिया करो। 100 ग्राम पनीर में 14 से 18 ग्राम प्रोटीन होता है।

  5. sir aswgandha satavar konch beej swed musli in sab k churan ko mix krk inka ek chammach whey protien k saath le skte h kya kya ye wakai me size bdhane me madad krte h mera bicep 16.5 ka ho gya h mhuje ek month me 17 ka krna h kya inse weight gain hoga sath me diet tgdi h meri daily ka 180 gram protien b le leta hoo diet or whey protien se weight mera 82 kg h or silajeet multivitamin k mukable ki chij h kya ya nhi

    • ये तो मैंने भी यूज किया है मगर व्हे प्रोटीन के साथ नहीं, सुबह-सुबह दूध के साथ। मुझे तो एक बार दो ऐसा लगा मेरा सिर घूम रहा है इसलिए मैंने छोड़ दिया, अगर आपको सूट कर रहा है तो अच्छी बात है। दूसरी बात ये कि अगर आपकी डाइट में फल और सब्जियां हैं तो जरूरी नहीं आप मल्टीविटामिन यूज करें। शिलाजीत और मल्टीविटामिन दोनों में काफी अंतर है।

  6. Sir forearms ka size bhdhane k leye week me kitne din forearms lgani chaheye or kitni exercise kitne set kitne rep lgane chaheye jis se forearms ka size bhde mhuje forearms ka size bhdhana h mere forearms week h biceps 16.5 ka ho gya h pr forarms 11.5 h mhuje 14 inch ka krna h

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