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Glutamine : कब लेना चाहिए ग्लूटामाइन ताकि पूरा फायदा मिले?

ग्लूटामाइन (Glutamine) एक जरूरी अमीनो एसि‍ड होता है, जि‍सके कई सारे काम हैं। ये हमारे इम्यून सि‍स्टम का जरूरी हि‍स्सा है। हमारी आंतों की हेल्थ ठीक रखने में भी ये बहुत बड़ा रोल नि‍भाता है। हमारी बॉडी इसे खुद पैदा करती है। इसके अलावा ये खानेपीने की कई चीजों में पाया जाता है, खासतौर पर नॉन वेज में। हालांकि तब भी लोग इस बात को लेकर कनफ्यूज रहते हैं कि उन्हें अलग से ग्लूटामाइन लेना चाहि‍ए या नहीं। इस लेख में हम यही जानकारी देंगे कि अगर आपको जरूरत है तो ग्लूटामाइन (Glutamine) कब लेना चाहि‍ए ताकि बॉडी को इसका पूरा फायदा मिले।

ग्लूटामाइन लेने का सही समय

ग्लूटामाइन कब लेना चाहि‍ए इसे लेकर आपको कई तरह की सलाह मि‍ल जाएंगी हालांकि ज्यादातार एक्सपर्ट यही कहते हैं कि ट्रेनिंग वाले दि‍न आप ग्लूटामाइन या तो वर्कआउट के दौरान लें या फि‍र वर्कआउट खत्म होने के बाद प्रोटीन के साथ। मेरी सलाह ये है कि आप Glutamine को वर्कआउट के बाद लें। जि‍स दि‍न आप वर्कआउट नहीं कर रहे हैं उस दि‍न कभी भी लें। चाहें तो अपनी डोज को दो हि‍स्सों में तोड़कर लें।

वर्कआउट के बाद इसे लेने से नेचुरल एचजीएच यानी ह्यूमन ग्रोथे हार्मोन का प्रोडक्शन बढ़ने में मदद मि‍लती है। जब बॉडी में एचजीएच का लेवल बढ़ता है तो मसल्स टि‍शू में बढ़ोतरी होती है और बॉडी फैट घटता है। इससे आपकी बॉडी में मेटाबॉलि‍क एक्टि‍वि‍टी बढ़ जाती है।
ऐसा होने पर इंसुलि‍न लेवल कम हो जाता है, जि‍सका मतलब ये है कि आपकी बॉडी कम शुगर का इस्तेमाल करेगी। ये उन लोगों के लि‍ए काफी फायदेमंद है जो डायबि‍टि‍क हैं। हमें अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लि‍ए शुगर की जरूरत होती है जो ब्‍लड में मौजूद रहनी चाहि‍ए। खैर हम यहां डायबि‍टीज की बात नहीं कर रहे। मेरी यही सलाह है कि अगर आप ग्लूटामाइन को यूज कर रहे हैं तो उसे वर्कआउट के बाद इस्तेमाल करें।

कितना ग्लूटामाइन लेना चाहि‍ए

Glutamine की डोज को लेकर हालांकि करीब करीब सभी एक्सपर्ट एक ही बात कहते हैं। 5 ग्राम की डेली डोज काफी है। बहुत दुबले पतले लोगों का काम 2 से 3 ग्राम में भी चल जाता है। अगर आपकी बॉडी काफी हैवी है तो आप 8 ग्राम तक भी इसे यूज कर सकते हैं। एक मौका ऐसा भी आता है जब लोग इसकी डोज को 10 ग्राम तक ले जाते हैं मगर वो प्रोफेशनल बॉडी बि‍ल्डिंग की एडवांस स्टेज होती है। हां एक बात और ग्लूटामाइन का पाउडर यूज करें, ये आसानी से घुल जाता है और डाइजेस्ट भी आसानी से होता है।

कि‍सके साथ लें

इसे आप पानी में ले सकते हैं। अगर आप वर्कआउट के दौरान BCAA लेते हैं तो Glutamine को भी इसके साथ ले सकते हैं। इन दोनों का कॉम्‍बि‍नेशन अच्छा होता है। अगर आप वर्कआउट से पहले citrulline लेते हैं और ग्लूटामाइन को भी वर्कआउट से पहले लेना चाहते हैं तो इसके साथ ले सकते हैं। अगर आप वर्कआउट के बाद ग्लूटामाइन लेते हैं, जि‍सकी सलाह मैं भी देता हूं तो आप प्रोटीन के साथ लें।
क्‍या ये साइज गि‍रने से रोकता है ?

Glutamine के बारे में अक्सर ये कहा जाता है कि‍ ये साइज गि‍रने से रोकता है, मगर क्या से सच है ? अगर बाजार में किसी सपलीमेंट को बेचना है तो उसके साथ कुछ तो नया जोड़ना ही होगा। ग्लूटामाइन के साथ भी कुछ ऐसा ही जोड़ा गया है। साइज गिरना या ना गिरना हमेशा आपकी डाइट पर डिपेंड करता है। अगर आपने जिम छोड़ दिया तो सबसे पहले तो बॉडी से पंप कम हो जाएगा। ये पूरी तरह से नेचुरल है और ये होना भी चाहिए।

इसके बाद आपका साइज भी थोड़ा बहुत गिरेगा- ये भी नेचुरल है। जब हम एक्सरसाइज करते हैं तो बॉडी के ग्रोथ हार्मोन भी तो काफी एक्टिव हो जाते हैं इसके अलावा उस वक्त हम डाइट का ज्यादा ध्‍यान रखते हैं। अगर आप ये सोचेंगे कि आपने 17 इंच का बाइसेप्स बना लिया अब कसरत छोड़ देंगे और डाइट भी नॉर्मल कर लेंगे और ग्लूटामाइन आपका साइज संभाल लेगा तो आप पूरी तरह से गलत सोच रहे हैं।

Bottom Line

एक बात हमेशा याद रखें Glutamine वो सपलीमेंट नहीं जि‍सके बि‍ना आपकी बॉडी नहीं बनेगी। अगर आपकी डाइट सही नहीं होगी, उसमें प्रोटीन कम होगा तो ग्लूटामाइन आपकी बॉडी नहीं बना देगा। जो लोग वेट गेन करना चाहते हैं वो अगर इसे नहीं लेंगे तो भी वेट गेन हो जाएगा। सपलीमेंट के तौर पर आपकी पहली च्वॉइस प्रोटीन होनी चाहि‍ए।

सबसे पहले आपको नेचुरल फूड पर फोकस करना चाहि‍ए वहां पैसा खर्च करने में कंजूसी नहीं करनी चाहि‍ए। उसके बाद आप प्रोटीन सपलीमेंट पर पैसा खर्च करें। इतना हो जाने बाद आप Glutamine जैसे सपलीमेंट के बारे में सोचें। अगर आप अच्‍छे से नॉन वेज खा रहे हैं तो आपको वैसे भी वाजि‍ब मात्रा में ग्लूटामाइन मि‍ल रहा है। अच्छी डाइट वाले शाकाहारी लोगों को भी इसके लि‍ए बहुत परेशान नहीं होना चाहि‍ए। खाने की तमाम चीजों में ग्लूटामाइन पाया जाता है। ज्यादा प्रोटीन वाले खाने में इसकी मात्रा भी आमतौर पर ज्यादा होती है। जैसे चिकन, मछली, अंडे, दूध, बीफ, पनीर, बीन्स और चुकंदर वगैरा।

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