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नकली प्रोटीन की पहचान कैसे करें? 11 तरीके

बॉडी बिल्डिंग में मदद करने वाला सबसे कारगर सपलीमेंट अगर कोई है तो वो व्हे प्रोटीन है। भारत में मि‍ल्क बेस्ड प्रोटीन का ओवरऑल मार्केट करीब 10 हजार करोड़ का है और ये लगातार बढ़ रहा है। इसलि‍ए बाजार में नकली व्हे प्रोटीन पाउडर की भी पूरे चेन लोगों ने उतार रखी है, जि‍सकी पहचान करना काफी टेक्नि‍कल है।

हर कंपनी का नकली व्हे प्रोटीन बाजार मि‍ल जाता है। नकली माल बनाने वाले और बेचने वाले खूब पैसा कमा रहे हैं और नुकसान उठा रहे हैं जि‍म जाने वाले लोग। नकली प्रोटीन ना केवल पैसे का नुकसान है बल्कि ये बॉडी को भी सीरियस नुकसान पहुंचाते हैं। कि‍सी भी प्रोटीन की बि‍ल्कुल सटीक पहचान तो केवल लैब टैस्ट से हो सकती है मगर उसके अलावा भी कुछ तरीके हैं, जि‍नकी मदद से आप नकली व्हे प्रोटीन पाउडर की पहचान कर सकते हैं।

कैसे करें प्रोटीन की पहचान

1 तस्वीर रखें – जब भी कोई प्रोडक्ट खरीदें उसकी कैप खोलने के बाद अंडर सील की तस्वीर खींचकर उसे बाद में तुलना करने के लि‍ए रख लें। बाद में अगर आप उसी कंपनी का वही व्हे प्रोटीन लेते हैं तो उसकी सील से इसका मि‍लान करें अगर सील बदल गई है तो कंपनी से ये पता लगाएं कि उनके प्रोडक्ट पर कि‍स तरह की सील होती है। हो सकता है इस छानबीन से ये बात सामने आए कि जो पि‍छला प्रोडक्ट आपने यूज कि‍या था वो नकली था, मगर तब भी आपको एक पुख्‍ता पहचान तो पता चल जाएगी।

पूरा बाजार नकली व्हे प्रोटीन पाउडर से भरा हुआ है, मगर आप इन 4 तरीकों से नकली प्रोटीन की पहचान कर सकते हैं। बार कोड स्कैन करें।
Image source – uk.olimp-supplements

2 प्रोटीन को ब्लैंड करें – एक स्कूप प्रोटीन पाउडर को 200 से 300 एमएल पानी में ब्लैंड करें। अगर वह पूरी तरह नहीं घुला तो वह नकली सपलीमेंट है, क्योंकि असली प्रोटीन पानी में पूरी तरह से मि‍क्स हो जाता है।

3 स्वाद चेक करें – प्रोटीन को पानी में डालकर टेस्ट करें। नकली प्रोटीन बेस्वाद लगता है, उसमें बस मीठा पन आता है। यह रेतीला जैसा लगे तो भी मान लें कि नकली है। अगर आपको लगे कि बस मीठा पानी पी रहे हैं तो मान लें कि प्रोटीन नकली है।

4 लेबल पढ़ें – नकली सप्लीमेंट का पता लगाने का सबसे आसान तरीका है लेबल को ध्यान से पढ़ें। नकली प्रोडक्ट के लेवल में अक्सर स्पेलिंग की गलती होती है। इसके अलावा लाइन ऊपर नीचे भी हो सकती है। ये भी देखें लेबल डि‍ब्बे पर सटीक ढंग से लगा है या नहीं। नकली सपलीमेंट बनाने वालों के यहां आमतौर पर लेबल चि‍पकाने का लोग हाथ से करते हैं मगर कंपनि‍यों में ये काम मशीनें करती हैं। अगर लेबल आड़ा टेढ़ा लगा है तो शक करें।

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कई कंपनि‍यां अपने प्रोडक्ट पर होलोग्राम भी लगाती हैं। इसे ध्‍यान से चेक करें। एक कंपनी के एक प्रोडक्ट की सभी पैकिंग पर एक ही तरीके और एक ही जगह होलोग्राम लगा होता है, क्योंकि ये काम रोबोट करते हैं। ऐसा नहीं होता कि दो डि‍ब्बों पर अलग अलग जगह होलोग्राम लगा हो।
5 तारीख चेक करें – डि‍ब्बे के बॉटम में माल बनने और उसके एक्सपायर होने की तारीख दी गई होती है उसे ठीक से चेक करें। अगर उसमें कोई गलती दि‍खे तो अलर्ट हो जाएं। कुछ कंपनि‍यां बनाने की तारीख डि‍ब्बे के ऊपर भी देती हैं।

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6 बारकोड स्कैन करें – डिब्बों पर जो बारकोड होता है उसे स्कैन करने का ऐप डाउनलोड कर लें। इससे आप 50 फीसदी तक नकली प्रोटीन पाउडर को पकड़ पाएंगे, क्योंकि ज्यादातर नक्काल बार कोड लगाते ही नहीं वो तो केवल छपाई होती है। अगर आपका कोई जानकार अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया या कनाडा आता जाता है तो आप उससे सप्लीमेंट मंगा लिया करें।

7 बॉडी फूल गई तो – नकली प्रोटीन सप्लीमेंट में आमतौर पर दो तरह की दवाएं डाली जाती हैं। एक से वाटर रिटेंशन होता है और दूसरी से भूख बढ़ती है। सप्लीमेंट में अगर वाटर रिटेन करने वाली दवा डाली गई है तो सप्लीमेंट इस्तेमाल करने वाले की बॉडी अचानक फूलने लगती है और आपको लगता है कि आप मोटे हो रहे हैं। महज एक माह में ही दुबल पतला शख्स फूला फूला दिखने लगता है। दूसरी दवा से भूख तेज हो जाती है। ये एक किस्म का स्टेरॉइड होती है। अगर अचानक बॉडी में बदलाव महसूह होने लगे तो हो सकता है आपका सपलीमेंट नकली हो।

Fake protein can lead to many problems. However you can identify it.
Fake protein powder can lead to many problems.

जैसे ही आप पाउडर लेना बंद करते हैं। दवा का असर कम होने लगता है और बॉडी अपनी नॉर्मल शेप में वापस आ जाती है। इस पूरी कहानी में सबसे ज्यादा नुकसान आपको होता है। आप पैसे खर्च करने के बाद जहर से मिलती जुलती चीज खाते हैं। कई लोगों को लिवर की दिक्कतें होने लगती हैं और कुछ को पीलिया भी हो जाता है।

8 कंपनी की वेबसाइट पर जाएं – आजकल हर कंपनी की अपनी वेबसाइट है। आप वहां से प्रोडक्ट के बारे में जानकारी ले सकते हैं। कंपनि‍यां ये बताती हैं उनके असली प्रोडक्ट की पहचान कैसे करें। कहां कि‍स तरह ही मार्किंग है, कैसा होलोग्राम है वगैरह।

9 ऑर्डर कंपनी के माध्यम से करें – ज्यादातर फूड सपलीमेंट कंपनियां अब खुद ऑनलाइन स्‍टोर खोल रही हैं। ऐसे में ज्यादा समझदारी इसी में है कि आप संबंधि‍त कंपनी की वेबसाइट से ही माल ऑर्डर करें।

10 ऑथराइज्ड डीलर का पता – कंपनि‍यों की वेबसाइट पर अक्सर ऑथोराइज्ड डीलर का नाम व पता दि‍या होता है। इधर उधर से सपलीमेंट खरीदने से तो ज्यादा अच्छा यही है कि आप उनसे संपर्क करें।

11 शक करेंगे तो सुखी रहेंगे – अगर कोई सप्लीमेंट अचानक करिश्मा करने लगे तो उस पर शक जरूर करें। असली सप्लीमेंट बहुत करिशमाई तरीके से असर नहीं करता। उसका इस्तेमाल बंद करने के बाद बॉडी में बहुत गिरावट नहीं आती। असली फूड सप्लीमेंट करीब करीब असली फूड की तरह ही काम करता है। कसरत छोड़ने पर मसल्स में कमी आना सामान्य बात है मगर एकदम से बॉडी नीचे आ जाए तो आपके मन में ये सवाल उठना चाहिए कि कहीं आपने नकली माल तो नहीं लिया।

Bottom line


कुल मिलाकार दो बातें अपने दिमाग में आप बैठा सकते हैं। पहली बात तो ये कि किसी भइया, किसी कोच या किसी अंकल पर भरोसा करने से पहले अपने दिमाग का इस्तेमाल करें। कई बार आपको प्रोटीन देने वाले को भी ये पता नहीं होता है कि वह नकली माल उठा रहा है। इसमे सबसे बड़ी जिम्मेदारी आपकी ही है। मैंने आपको असली सपलीमेंट खरीदने के कुछ तौर तरीके बताएं हैं उन्हें अपना सकें तो अपनाएं। दूसरी बात हमेशा ये याद रखें कि पूरा फोकस डाइट पर रखें। प्रोटीन सपलीमेंट के भरोसे पर बॉडी नहीं बनेगी। डाइट पर भरोसा करें।

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एक बादाम में करीब 0.21 ग्राम प्रोटीन होता है। 100 ग्राम बादाम में 21 ग्राम प्रोटीन होता है। इसलि‍ए 10 बादाम खाने पर आपको 2.1 ग्राम प्रोटीन मि‍ल जाएगा।

100 ग्राम बादाम में कि‍तना प्रोटीन होता है ?

आप वेट गेन कर रहे हों ये वेट लॉस बादाम बड़े काम की चीज है। ...

5 comments

  1. Sir mera naam amit h sir mujhe 3 year ho gye h workout krte sir mujhe cutting krni h witj steroid plz sir bataye kis mosam me lena theek hota h

    • चीनी छोड़ें, नमक कम करें, रोटी की बजाए ओट्स, दलिया, उबले राजमा, उबले चने, उबली मूंग, उबले बीन्स खाएं। दिन में चावल और ब्राउन ब्रेड चल जाएगा। इसके अलावा चिकन चेस्ट, एग व्हाइट खाएं। शाम के बाद से खाने में कार्बोहाइड्रेट न के बराबर रखें। गर्म पानी ही यूज करें। एक्सरसाइज के बाद कार्डियो जरूर करें। आप चाहें तो हमसे डाइट चार्ट और वर्कआउट शेड्यूल बनवा सकते हैं, इस लिंक को चेक करें-
      http://www.bodylab.in/2015/12/01/get-your-diet-chart-and-workout-schedule-in-hindi/ हम आपको कोई प्रोडक्ट नहीं बेचेंगे बस सही सलाह, सही डाइट, आपके सभी सवालों के जवाब और सही वर्कआउट बताएंगे।

  2. namste sir ji kese ho….
    sir egg white khane chaye ya yellow sir jo aj kl white eggs ate hai vo murgi ko tikke lgate hai to sir uska fayda hai ya nahi
    puri jankari de sir ji bhut bhut dnyavad!!!!

    • अगर आप दुबले पतले हैं तो आपको पूरे अंडे खाने चाहिए अगर आप कटिंग पर हैं या वेट लॉस पर हैं तो आपको अंडे का केवल सफेद हिस्सा खाना चाहिए।

  3. Me bhi weight gain ke liye supplement le raha hu lekin in baato ka khyal nahi tha, ab dubara ise kharidne se pehle in sbhi baato ko jarur check karunga or uske baad hi khridunga.

    Thanks for this very useful information

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