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Creatine कब और कि‍तना लेना चाहि‍ए?

जि‍म जाने वाले हर शख्‍स को कि‍सी न कि‍सी के मुंह से Creatin लेने की सलाह जरूर मि‍ल जाती है- कोच या दोस्त या इंटरनेट। व्हे प्रोटीन के बाद बॉडी बि‍ल्डिंग का सबसे पॉपलुर और सबसे ज्यादा कनफ्यूजन पैदा करने वाला सपलीमेंट है ये जि‍से हि‍न्दी में कुछ लोग क्रेटीन तो कुछ क्रि‍एटि‍न कहते हैं। सबसे बड़ा कनफ्यूजन होता है इसकी डोज और टाइमिंग को लेकर। क्रि‍एटि‍न कब लेना चाहि‍ए? क्रि‍एटि‍न कि‍तना लेना चाहि‍ए? इसकी लोडिंग क्या है जैसे सवालों से हर कि‍सी का सामना होता है। हम इस लेख में इसी सवाल का सीधा सपाट जवाब देंगे जो जि‍सके बाद आप कभी कनफ्यूज नहीं होंगे।

Creatine लेने का सही टाइम

बस यही वो लाइन है जि‍सने सारा कनफ्यूजन पैदा कि‍या हुआ है। इसके तीन जवाब हैं – 1 वर्कआउट से पहले 2 वर्कआउट के बाद 3 कभी भी

1 वर्कआउट के पहले – कई एक्सपर्ट का कहना है कि वर्कआउट से करीब 30 मि‍नट पहले क्रेटीन ले लेना चाहि‍ए। इतनी टाइम में बॉडी इसका काफी हि‍स्सा एनर्जी में बदल देती है और वर्कआउट के दौरान आपको ज्यादा पावर मि‍लती है। ज्यादा पावर का मतलब होता है ज्‍यादा वेट और ज्यादा पंप यानी कुल मि‍लाकर ज्‍यादा मसल्स गेन।

2 वर्कआउट के बाद – कई एक्सपर्ट कहते हैं वर्कआउट के बाद आपकी बॉडी क्रेटीन को ज्यादा अच्छे से इस्तेमाल कर पाती है, क्योंकि वर्कआउट के दौरान ढेर सारी एनर्जी और न्यूट्रि‍एंट्स खप जाते हैं इसलि‍ए बॉडी को तुरंत न्यूट्रि‍एंट्स की जरूरत होती है। ऐसे में जब आप प्रोटीन व अन्य सपलीमेंट के साथ क्रेटीन भी लेते हैं तो बॉडी को ढेर सारे न्यूट्रि‍एंट्स मि‍लजाते हैं और वो अमीर हो जाती है।

इन दोनों तरह के एक्सपर्ट में से कुछ का कहना है कि आपको वर्कआउट से पहले और तुरंत बाद – दोनों टाइम क्रेटीन लेना चाहि‍ए। एक्सरसाइज के बाद creatine लेने की बात को सन 2013 में बड़ा सपोर्ट तब मि‍ला जब इंटरनेशनल सोसायटी ऑफ स्पोर्ट्स न्यूट्रीशन (International Society of Sports Nutrition) के जरनल में एक रि‍सर्च छपी।

इसमें 19 बॉडी बि‍ल्डरों को हर दि‍न 5 ग्राम प्रोटीन यूज करने को कहा गया था। कि‍सी ने वर्कआउट के पहले यूज कि‍या और कि‍सी ने बाद में। सबका वर्कआउट करीब करीब एक जैसा रखा गया। ये लोग सप्ताह में 5 दि‍न कसरत करते थे और इन्हें ये भी कहा गया था कि छुट्टी वाले दि‍न भी क्रि‍एटि‍न लें-दि‍न में कभी भी। इस स्टडी के नतीजों के मुताबि‍क, वर्कआउट के बाद क्रि‍एटि‍न लेने वालों को ज्यादा फायदा मि‍लता हुआ दि‍खा। लेकि‍न यहां एक बात और सामने आई कि ज्यादा और कम में कोई बहुत फर्क नहीं था। ऐसा नहीं था कि जि‍न लोगों ने वर्कआउट से पहले क्रि‍एटि‍न यूज कि‍या वो घाटे में रहे। इसलि‍ए ये बात भी सामने रखी गई कि क्रेटीन का यूज कभी भी कि‍या जा सकता है।

3 कभी भी लें क्रि‍एटि‍न – क्रि‍एटि‍न के बारे में कुछ एक्सपर्ट ये भी कहते हैं कि इसे कभी भी यूज करें। इनका कहना है कि इसके टाइम को लेकर बहुत परेशान होने की जरूरत नहीं है। आपका हाजमा दुरुस्त है तो बॉडी अपने हि‍साब से उसका इस्तेमाल कर लेगी। आपकी बॉडी कई चीजें अपने हि‍साब से डील कर लेती है। उसे पता है कि अगर कोई जरूरी न्यूट्रि‍एंट बॉडी में आ रहा है तो उसे कब कैसे और कहां यूज करना है। जब आपको ठीक लगे तब क्रि‍एटि‍न लें।

तो फि‍र क्या है क्रि‍एटि‍न लेने का सही टाइम

पढ़ाई-लिखाई और जो भी एक्‍सपीरि‍एंस मेरे पास है उसके आधार पर मैं यही कहूंगा कि जरूरत से ज्यादा गणि‍त नहीं लगाना चाहि‍ए। कोई एक टाइम तय करें और उस टाम पर क्रि‍एटि‍न लें। वो वक्त वर्कआउट के पहले भी हो सकता है और बाद में भी और दि‍न में कभी भी। हम कोई एक टाइम तय करने के लि‍ए इसलि‍ए बोलते हैं क्योंकि इससे अनुशासन बन जाता है। अगर मैं ये कह दूं कि दि‍न में जब मन करे तब क्रि‍एटि‍न लें तो होगा ये कि कभी आप सुबह पि‍एंगे, कभी दोपहर को और कभी भूल ही जाएंगे।

इसलि‍ए कहा जाता है कि एक समय तय कर लें, बाकी सब भूल जाएं। अगर आप क्रि‍एटीन ले रहें है, असली ले रहे हैं और आपका पेट ठीक है तो बॉडी उसका यूज कर ही लेगी। अपनी बॉडी को बहुत दीन हीन समझने की जरूरत भी नहीं है। थोड़े से कार्ब और पानी की बदौलत आप बहुत अच्छा वर्कआउट कर सकते हैं। सपलीमेंट को बढ़ा चढ़ाकर पेश करना कंपनि‍यों का काम है- वि‍ज्ञापनों की लहर में बहने की बजाए समझदारी से काम लें। अगर आप वर्कआउट के पहले और बाद में दोनों टाइम क्रि‍एटि‍न ले रहे हैं तो भी उसकी कुल डोज 5 ग्राम से ज्यादा नहीं होनी चहि‍ए। यानी 2.5 ग्राम एक बार में।

क्रि‍एटि‍न कितना लें

क्रेटीन शुरू करने से पहले आमतौर पर उसकी लोडिंग की जाती है। वैसे लोडिंग करना जरूरी नहीं है मगर मेरी सलाह है कि अगर आप पहली बार इसे यूज कर रहे हैं तो लोडिंग कर लें। आमतौर पर इसकी लोडिंग डोज 10 से 20 ग्राम के बीच होती है। यह 3 से सात दिन तक चलती है। इसके बाद आपका काम करीब 5 से 10 ग्राम की डेली डोज में चल जाएगा। डोज की अपर लि‍मि‍ट प्रोफेशनल बॉडी बिल्डरों के लिए है। नॉर्मल रेंज है रोज का 5 ग्राम और लोडिंग के वक्त 3 से 5 दिन तक 10 से 15 ग्राम।

ये कोई वरदान नहीं है
यहां मैं आपको ये भी बता दूं कि क्रेटीन कोई वरदान नहीं है। अच्छा खाने पीने वाले लोग इसके बिना भी काम चला सकते हैं। नॉन वेज खाने वालों को यह बडी आसानी से हासिल हो जाता है। इसलिए सप्लीमेंट के तौर पर वेजीटीरियन लोगों पर यह ज्‍यादा काम करता है। आमतौर पर कोई स्वस्थ आदमी क्रेटीन का इस्‍तेमाल कर सकता है।

जिन लोगों को लीवर और किडनी में दिक्कत हो उन्हें यह नहीं लेना चाहिए। 18 साल से कम उम्र के लोगों और गर्भवती महिलाओं या जो माएं बच्चों को दूध पिला रही हों उनको भी क्रेटीन नहीं लेना चाहिए। इसके अलावा अगर आप कोई ऐसी दवा ले रहे हैं, जिससे आपके शुगर लेवल पर कोई असर पडता है तो भी इसे न लें क्योंकि क्रेटीन शुगर लेवल पर असर डालता है, डायबटीज के रोगी भी क्रेटीन न लें।

साइड इफेक्ट

1 क्रिएटिन के यूज का सबसे बड़ा और खतरनाक साइड इफेक्ट किड़नी पर पड़ता है। दस ग्राम से ज्यादा रोज क्रेटीन लेना खतरनाक होता है। इसकी हाई डोज के चलते मसल्स का टूटना बहुत तेज हो जाता है।

2 पेट और छोटी आंत से जुड़ी प्रॉबलम को गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल डिस्ट्रेस (GI) कहते हैं। इसमें पेट में गैस होना, दर्द, जी खराब होना, उल्टी और डायरिया शामिल है। आपको भूख में कमी भी महसूस हो सकती है। ये सब साइड इफेक्ट आमतौर पर थोड़े टाइम के लिए होते हैं और हां डोज कितनी ले रहे हैं इस पर डिपेंड करते हैं।

3 अगर आपने डाइट में क्रेटीन को शामिल किया है तो आपका वजन बढ़ सकता है, भले ही आप चाहते हों या नहीं।

4 इस सपलीमेंट का यूज करने वाले एथलीट मसल्स क्रैंप, टूटफूट और बेचैनी की शिकायत करते दिखाई देते हैं। अगर आप इसका यूज कर रहे हैं तो एकदम से अपना वर्कआउट न बढ़ायें धीरे धीरे हैवी वर्कआउट की ओर बढ़ें। क्रेटीन के चलते मसल्स की सहने की कैपेसिटी बढ़ जाती है, मगर टूट फूट उतनी ही रहती है।

5 क्रिएटिन मसल्स को वाटर रिटेन करने के लिए मजबूर करता है। जो पानी दूसरे भीतरी बॉडी पार्ट और जरूरी कामों में इस्तेमाल होना होता है वो मसल्स सोख लेते हैं। इसके चलते डी हाइड्रेशन की प्रॉबलम हो सकती है। पानी की कमी के कई नुकसान हैं, जिनमें थकान और बेचैनी बहुत आम है।

क्रिएटिन किसके साथ लें

कहा तो ये जाता है कि क्रिएटिन को जूस के साथ लेना चाहिए। इससे अब्जॉर्प्‍शन बढ़ जाता है। मगर ऐसी कोई वैज्ञानिक रिसर्च सामने आई नहीं है। यहां भी एक ही नियम काम करता है। जूस, पानी, चाय, कॉफी, ग्लूकोज जिसके साथ चाहें इसे लें। गर्म पानी या ठंडा पानी जैसा भी हो बॉडी अपने हिसाब से इसे यूज कर लेगी। अगर आप कटिंग पर हैं या फैट लूज कर रहे हैं तो जाहिर सी बात है आप जूस या ग्लूकोज में इसे नहीं लेंगे। एक और बात आप चाहें तो इसे प्रोटीन के साथ लें चाहे अलग बात वही रहेगी।

Bottom line
क्रिएटिन एक अच्छा सपलीमेंट है इसमें कोई दो राय नहीं है। हालांकि अपने दिमाग में ये बात बिल्कुल न बैठाएं कि इसके बिना बॉडी नहीं बनेगी। अगर आप नॉन वेज खाते हैं तो आपकी बॉडी को उससे जरूरत भर का क्रिएटिन मिल जाता है। इसे कब पीना है इस बात को लेकर भी बहुत परेशान ना हों।

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