सिर्फ चाल सुधार कर आप सेहत सुधार सकते हैं

टहलते तो बहुत लोग हैं, मगर बहुत सारा टहलने के बावजूद हम उससे बहुत कम फायदा हासिल कर पाते हैं। इसकी वजह है चलने का हमारा तरीका। अगर हम एक्‍टिव तरीके से वॉक करें तो पूरी बॉडी के पुर्जे रमा हो जाते हैं। रिसर्च कहती है कि बीस मिनट की हल्‍की वॉक आपकी उम्र सात साल तक बढ़ा सकती है।
हमारी चाल में क्‍या खराबी है  –हममें से ज्‍यादातर लोग शरीर को पहले आगे ढकेलते हैं फिर उसी लय में पांव आगे को बढ़ते हैं। हमारे पैर ऐसे बाहर निकलते हैं जैसे किसी थैले से बाहर लटके हुए हों। हम बढ़ रहे हैं, हमारे पैर बढ़ रहे हैं। इसे कहते हैं पैसिव वॉक।
कैसे चलें कि हमें चलने का पूरा फायदा मिले – अपने पैरों को एक्‍टीव होकर बाहर की ओर निकालें। पैरों में ताकत का अहसास होना चाहिए। आपने आर्मी वालों को परेड करते तो देखा होगा, उनका पैर पहले आगे बढ़ता है बॉडी उसके साथ चलती है। हम आपको ठीक वैसा मार्च करने की सलाह नहीं दे रहे मगर हम केवल इतना कह रहे हैं कि एक पैर को पूरी तरह बाहर निकालें और पूरी तरह से जमीन रखें आपको दोनों पैरों के पंजे और एड़ी जमीन पर महसूस होने चाहिए। अपने हाथों को झुलाएं नहीं बल्‍िक अपने कदमों की तरह हाथों को भी एक्‍टिव तरीक से आगे पीछे करें। हाथों में भी जान महसूस होनी चाहिए।
अपने टहलने को एक्‍टिव वॉक में तब्‍दील करने को ही वॉकएक्‍टिव कहा जाता है। अगर इस तरह से रोज बीस मिनट वॉक करेंगे तो यह आपको टहलने से कहीं ज्‍यादा फायदा पहुंचाएगी। एक बात का ध्‍यान रखें यहां रफ्तार जरूरी नहीं है बस आपकी चाल का तरीका सही होना चाहिए। हर शख्‍स अपनी उम्र और क्षमता के हिसाब से वॉक करता है। वॉकएक्‍टिव को इजाद करने का दावा करने वाली जॉना कहती हैं कि सिर्फ पैदल चलते हुए हम पूरी बॉडी की एक्‍सरसाइज कर सकते हैं और 15 फीसदी तक बॉडी फैट कम किया जा सकता है।

Check Also

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना पर कहा, हमें अब आगे का सोचना होगा

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने कोविड-19 से उत्‍पन्‍न स्थिति पर चर्चा करने और इस महामारी ...

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *